पटना। देश की राजधानी दिल्ली से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहां बिहार की एक प्राइवेट स्लीपर बस में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। दो घंटे तक चलती बस में दरिंदगी करने के बाद आरोपी महिला को सुनसान सड़क पर फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस को जब्त कर ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है।

​समय पूछने पर बस के अंदर खींचा

​घटना 11 मई की रात की है। पीड़िता अपने काम से घर लौट रही थी। रानीबाग इलाके के सरस्वती विहार बस स्टॉप पर एक स्लीपर बस रुकी। महिला ने गेट पर खड़े व्यक्ति से समय पूछा, लेकिन उसने जवाब देने के बजाय महिला को जबरन बस के अंदर खींच लिया। इसके बाद आरोपी बस को नांगलोई की ओर ले गए।

​7 किलोमीटर तक चलती रही हैवानियत

​पुलिस के अनुसार, करीब 7 किलोमीटर तक चलती बस में ड्राइवर और कंडक्टर ने बारी-बारी से महिला के साथ बलात्कार किया। बस के शीशे बंद थे और अंदर गहरे रंग के पर्दे लगे थे, जिसके कारण महिला की चीखें बाहर नहीं जा सकीं और सड़क पर चल रहे लोगों को भनक तक नहीं लगी। रात करीब 2 बजे आरोपियों ने पीड़िता को सड़क किनारे फेंक दिया।

​झोपड़ी में हो रहा पीड़िता का इलाज

​पीड़िता शादीशुदा है और उसकी तीन बेटियां हैं। उसकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि गंभीर चोटों के बावजूद उसने अस्पताल में भर्ती होने से मना कर दिया। उसका कहना था कि अगर मैं अस्पताल चली गई, तो घर में बच्चों के लिए खाना कौन बनाएगा? फिलहाल पुलिस की देखरेख में उसकी झोपड़ी में ही इलाज चल रहा है।

​10 लाख का जुर्माना और अवैध संचालन

​जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वारदात में शामिल बस (BR-28P 3949) बिहार के गोपालगंज में ‘साईं दृष्टि प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम पर रजिस्टर्ड है।

  • ​अवैध संचालन: बस के पास केवल ‘टूरिस्ट परमिट’ था, लेकिन यह अवैध रूप से सवारियां ढो रही थी।
  • ​भारी जुर्माना: बस पर पहले से ही ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के 10 लाख रुपये से अधिक के चालान लंबित हैं।
  • ​सुरक्षा में चूक: बस में इंश्योरेंस की कमी और ओवरलोडिंग जैसे दर्जनों मामले दर्ज हैं।

​पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

​CCTV फुटेज की मदद से पुलिस ने बस की पहचान की। गिरफ्तार आरोपियों के नाम उमेश (ड्राइवर) और रामेंद्र (हेल्पर) हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फोरेंसिक टीम ने बस के अंदर से साक्ष्य जुटाए हैं और दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।