दिल्ली में हर साल मानसून के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बड़ी चुनौती बन जाते हैं। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित होता है। इस समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने इस बार मानसून से पहले ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) की सरकार ने राजधानी में जलभराव रोकने और बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है। इसके तहत नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था की निगरानी और संवेदनशील इलाकों में पहले से इंतजाम करने पर जोर दिया जा रहा है।
रेखा सरकार ने Flood Control Order 2026 जारी किया है। इसके तहत राजधानी की ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने और संवेदनशील इलाकों में पहले से तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में दिल्ली के उन इलाकों की पहचान की गई है, जहां हर साल मानसून के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है। इन क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने, नालों की निगरानी बढ़ाने और आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। साल 2023 में यमुना का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने और दिल्ली में आई बाढ़ जैसी स्थिति से सबक लेते हुए इस बार पंपिंग स्टेशनों, प्रमुख ड्रेनों और बैराजों की निगरानी को और मजबूत किया गया है। जलभराव और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए मल्टी-एजेंसी प्लान लागू किया गया है, जिसमें दिल्ली नगर निगम (MCD), लोक निर्माण विभाग (PWD) दिल्ली, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
24×7 सक्रिय रहेगा सेंट्रल फ्लड कंट्रोल रूम
मानसून के दौरान दिल्ली में बाढ़ और जलभराव जैसी स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। सरकार ने 15 अक्टूबर 2026 तक सेंट्रल फ्लड कंट्रोल रूम को 24×7 सक्रिय रखने का फैसला किया है। यह कंट्रोल रूम सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने का काम करेगा। किसी भी इलाके में जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी या अन्य आपदा की स्थिति में विभागों को तत्काल अलर्ट किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एपेक्स कमिटी
फ्लड कंट्रोल की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल एपेक्स कमिटी का गठन किया गया है। इसमें संबंधित विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस अधिकारी, जरूरत पड़ने पर सेना के प्रतिनिधि, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB) समेत कई एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
यमुना और नजफगढ़ ड्रेन पर तीन स्तर की चेतावनी व्यवस्था
सरकार ने यमुना नदी और नजफगढ़ ड्रेन में जलस्तर बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए तीन चरणों वाली चेतावनी प्रणाली तैयार की है। इसके तहत जलस्तर में वृद्धि के आधार पर पहले से अलर्ट जारी किए जाएंगे, ताकि प्रशासन समय रहते बचाव और राहत के कदम उठा सके।
यमुना नदी (हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के आधार पर)
1 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर पहली चेतावनी जारी की जाएगी।
3 लाख क्यूसेक दूसरी चेतावनी का स्तर होगा।
5 लाख क्यूसेक तीसरी और सबसे गंभीर चेतावनी जारी की जाएगी।
नजफगढ़ ड्रेन (मसानी बैराज के आधार पर)
35,000 क्यूसेक जल प्रवाह प्रथम अलर्ट।
70,000 क्यूसेक दूसरा अलर्ट।
1 लाख क्यूसेक उच्चतम चेतावनी स्तर।
दिल्ली में 20 से ज्यादा संवेदनशील जगहों की पहचान
मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव की आशंका को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राजधानी में 20 से ज्यादा संवेदनशील स्थानों की पहचान की है। इनमें यमुना के तटबंध, रेगुलेटर और पंपिंग स्टेशन जैसे अहम स्थान शामिल हैं। इन संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही निगरानी और बचाव व्यवस्था मजबूत की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इंजीनियरिंग टीमों और आपदा प्रबंधन कर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि जलस्तर बढ़ने, ड्रेनेज सिस्टम में परेशानी या अन्य तकनीकी खामियों को समय रहते दूर किया जा सके।
दिल्ली के 13 जिलों में राहत और बचाव की तैयारी
मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी 13 जिलों में राहत और बचाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके तहत हर जिले में सेक्टर-वार कमिटियां बनाई गई हैं, जो स्थानीय स्तर पर हालात की निगरानी करेंगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करेंगी। प्रशासन ने प्रत्येक जिले में कंट्रोल रूम, राहत शिविर, नावें, पंप सेट, चिकित्सा सुविधाएं और खाद्य सामग्री पहले से उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। किसी भी बड़ी आपदा की स्थिति में जरूरत पड़ने पर सेना की सहायता भी ली जा सकेगी। सरकार ने जलभराव और आपात स्थिति से निपटने के लिए नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जहां लोग मदद ले सकते हैं। वाटर लॉगिंग हेल्पलाइन: 1800-11-0093 , पुलिस: 100 / 112 , फायर सर्विस: 101 , एम्बुलेंस: 102 , डिजास्टर मैनेजमेंट: 1077 दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों और जलभराव वाली जगहों से दूरी बनाए रखें।
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