दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने यमुना नदी(Yamuna River) की सफाई और पुनरुद्धार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सोमवार को आयोजित अपनी 173वीं बैठक में, बोर्ड ने राष्ट्रीय राजधानी में 917.33 करोड़ रुपये की लागत वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार और मौजूदा परियोजनाओं के उन्नयन के लिए प्रशासनिक मंजूरी दी.
अधिकारियों के अनुसार, इन प्रस्तावों का उद्देश्य इन्फ्रास्ट्रक्चर का उन्नयन, नए संयंत्रों का निर्माण और रखरखाव के माध्यम से कुल सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता को 51.5 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) तक बढ़ाना है. डीजेबी ने बताया कि यह पहल दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और NGT द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप है.
दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने यमुना में जाने वाले वेस्ट को कम करने के लिए एक नई पहल की घोषणा की है. इस योजना के तहत यमुना विहार फेज-III में 25 एमजीडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को मंजूरी दी गई है, जिसे बढ़ाकर 40 एमजीडी करने की योजना है. इसके अलावा, फेज-IV में एक नए 15 MGD क्षमता वाले STP का निर्माण भी शामिल है.
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दिल्ली जल बोर्ड ने जानकारी दी है कि 403 करोड़ रुपये की इस परियोजना में 12 वर्षों तक मेंटिनेंस का प्रावधान भी शामिल है. दोनों STP यूनिट मिलकर 30 MGD की अतिरिक्त ट्रीटमेंट क्षमता प्रदान करेंगी. इसके अलावा, एक अन्य मंजूर प्रस्ताव के तहत केशोपुर STP के पहले चरण का अपग्रेडेशन किया जाएगा, जिससे प्लांट की क्षमता 12 से बढ़कर 18 MGD हो जाएगी.
दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में 5 STP प्लांट को कवर करने वाली 381 करोड़ रुपये की एक परियोजना को मंजूरी दी गई है. इस परियोजना में वसंत कुंज चरण-I (2.2 से 3.2 MGD), चरण-II (3 से 4.5 MGD), घिटोरनी (5 से 7.5 MGD), महरौली (5 से 7.5 MGD) और ओखला चरण-V (16 से 24 एमजीडी) प्लांटों की क्षमता में वृद्धि शामिल है.

