सतीश सिंह, लखनऊ. अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा अहंकार में सरकार चला रही है और जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी लोगों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की होती है, लेकिन वर्तमान सरकार दबाव और अन्याय की राजनीति कर रही है.

गुरुवार को मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को सरकार की बड़ी विफलता बताते हुए कहा कि परीक्षा दोबारा कराना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रही है. उन्होंने मांग की कि छात्रों और युवाओं की बात सुनी जाए और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें. उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है और जिन परिवारों ने इस वजह से अपने बच्चों को खोया है, उनकी मांगों को भी सरकार को पूरा करना चाहिए.

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अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकारों में पेपर लीक की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है मानो दोनों सरकारों के बीच यह प्रतिस्पर्धा चल रही हो कि कौन ज्यादा पेपर लीक करवा सकता है. उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक स्वतः नहीं हो रहे, बल्कि कराए जा रहे हैं ताकि युवाओं को नौकरी और आरक्षण से वंचित रखा जा सके. उन्होंने हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों और छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया, लाठीचार्ज हुआ और उनके कपड़े तक फाड़े गए. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सादे कपड़ों में लोगों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलाने की खबरें सामने आ रही हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

एक अन्य बयान में अखिलेश यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि देश मानता है कि विश्वविद्यालयों को नुकसान पहुंचाने वाले कभी समाज के हितैषी नहीं हो सकते. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार छात्र, नौजवान और शिक्षा विरोधी है तथा शिक्षा और रोजगार उसके एजेंडे में नहीं हैं. उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी को “शिक्षा का मंदिर” बताते हुए कहा कि इसे बचाने की मुहिम में समाजवादी पार्टी पूरी मजबूती से साथ खड़ी है. अखिलेश यादव ने देशभर के लोगों से अपील की कि वे विश्वविद्यालय को बचाने के लिए आगे आएं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संकीर्ण राजनीति और बदले की भावना के तहत जौहर यूनिवर्सिटी को निशाना बना रही है.

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अखिलेश यादव ने कहा कि दिल्ली में परीक्षा और रामपुर में शिक्षा को लेकर आंदोलन चल रहा है. जौहर यूनिवर्सिटी को बचाना वहां पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने जैसा है और इसी उद्देश्य से समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचकर छात्रों की मांगों के समर्थन में खड़ा हुआ है.