सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के भवनों को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल को पत्र लिखा है. उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा, विद्यार्थियों के भविष्य और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.

अजय राय ने कहा कि शिक्षा संस्थान किसी सरकार, राजनीतिक दल या व्यक्ति की संपत्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र की बौद्धिक पूंजी और समाज की साझा धरोहर होते हैं. सरकारें बदलती हैं, लेकिन शिक्षा संस्थानों की गरिमा और उनकी उपयोगिता बनी रहनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय वर्ष 2013 से संचालित हो रहा है और यहां हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनका भविष्य किसी भी प्रशासनिक विवाद से ऊपर है.

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अजय राय ने अपने पत्र में संविधान के अनुच्छेद 30(1) का उल्लेख करते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और प्रशासन का मौलिक अधिकार प्राप्त है. यदि भवन निर्माण संबंधी कोई आपत्ति है तो उसका समाधान वैधानिक प्रक्रिया और नियमितीकरण जैसे उपायों के माध्यम से किया जाना चाहिए.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी भी अपनी आजीविका के लिए इस संस्थान पर निर्भर हैं. इसलिए किसी भी कार्रवाई में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित इस विश्वविद्यालय का संरक्षण हमारी शैक्षणिक और ऐतिहासिक विरासत के सम्मान से भी जुड़ा हुआ है. पत्र के अंत में अजय राय ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे प्रदेश की कुलाधिपति होने के नाते राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश देकर ऐसा संतुलित समाधान सुनिश्चित करें, जिससे विधि का शासन अक्षुण्ण रहे, विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित हो और उच्च शिक्षा व्यवस्था की गरिमा बनी रहे.