दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar-mantar) पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास मौजूद कुल 2,873 लोगों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की गई, जिनमें से 989 लोगों का नाम पहले से विभिन्न गंभीर आपराधिक मामलों में दर्ज पाया गया। सूत्रों के मुताबिक, जांच में शामिल इन लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, दुष्कर्म, अपहरण, आर्म्स एक्ट और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों सहित कई गंभीर अपराधों के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि बड़ी संख्या में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, जांच में शामिल लोगों में 101 व्यक्ति हत्या के मामलों में आरोपी रहे हैं, जबकि 62 लोगों पर हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा 284 लोगों का नाम डकैती और लूट से जुड़े मामलों में सामने आया है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों में भी कई लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड पाया गया। पुलिस के अनुसार, 61 लोग दुष्कर्म (रेप) के मामलों, 6 लोग पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के मामलों और 25 लोग महिलाओं से छेड़छाड़ से जुड़े मामलों में आरोपी रह चुके हैं।  जांच में यह भी सामने आया कि 229 लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं, जबकि 135 लोग झपटमारी के मामलों में आरोपी रहे हैं। इसके अलावा 19 लोगों का नाम अपहरण और 67 लोगों का नाम एनडीपीएस (NDPS) एक्ट यानी मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में दर्ज पाया गया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में बड़ी संख्या में आदतन अपराधियों की मौजूदगी सामने आई है, जो पहले भी विभिन्न आपराधिक मामलों में आरोपी रह चुके हैं। पुलिस के अनुसार, हत्या के मामलों में आरोपी पाए गए 101 लोगों में से 42 ऐसे हैं, जिनके खिलाफ दो या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 12 आरोपी ऐसे भी हैं, जिन पर 10 या उससे ज्यादा मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। डकैती और लूट के मामलों में शामिल 284 लोगों में से 155 व्यक्तियों के खिलाफ दो या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 31 आरोपी ऐसे हैं, जिनके खिलाफ 10 से ज्यादा आपराधिक केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। जांच में यह भी पाया गया कि हत्या के प्रयास के मामलों में आरोपी 62 लोगों में से 25 के खिलाफ एक से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, दुष्कर्म के मामलों में आरोपी 61 लोगों में से 8, महिलाओं से छेड़छाड़ के मामलों में आरोपी 25 लोगों में से 6 और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट से जुड़े 67 आरोपियों में से 9 लोगों के खिलाफ भी दो या उससे ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस रिकॉर्ड आधारित आंकड़ों में दावा किया गया है कि भीड़ में केवल सामान्य प्रदर्शनकारी ही नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक मामलों में नामजद रहे बड़ी संख्या में लोग भी शामिल थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कई लोगों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, दुष्कर्म, महिलाओं के खिलाफ अपराध, आर्म्स एक्ट, अपहरण और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में आरोपी रहे लोग भी शामिल बताए गए हैं।

संसद चलो मार्च के बाद पुलिस की जांच तेज

20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल लोगों की पृष्ठभूमि की जांच तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि मार्च के दौरान हुई हिंसक घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है, खासकर उन लोगों की जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग संसद भवन की ओर बढ़ रहे थे। भीड़ को रोकने के लिए कई स्थानों पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। हालात बिगड़ने पर लाठीचार्ज किया गया और कुछ इलाकों में आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए और पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान 163 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल हुए थे। घटना के बाद दर्ज मामलों की जांच के साथ-साथ प्रदर्शन में शामिल लोगों के आपराधिक रिकॉर्ड का भी विश्लेषण किया गया। इसी क्रम में पुलिस ने दावा किया है कि प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास मौजूद लोगों में बड़ी संख्या ऐसे व्यक्तियों की थी, जिनका नाम पहले से हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, दुष्कर्म, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर मामलों में दर्ज रहा है।

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