विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) के अवसर पर दिल्ली सरकार ने राजधानी में हरित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav) ने दक्षिण दिल्ली के मैदानगढ़ी क्षेत्र से 18 नमो ऑक्सीजन पार्कों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में राजधानी में हरित आवरण बढ़ाने, वायु गुणवत्ता सुधारने और जैव विविधता को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें भी प्रस्तुत की गईं। समारोह के दौरान ‘दिल्ली की कार्य योजना 2026-27 से 2036-37’ और ‘दिल्ली बर्ड एटलस’ समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी किए गए। इन दस्तावेजों का उद्देश्य राजधानी में पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और पक्षी संरक्षण से जुड़ी रणनीतियों को आगे बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। वहीं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी की अहम भूमिका पर जोर देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। “दिल्ली सरकार ने इस वर्ष ग्रीन बजट पेश किया है, जिसमें कुल बजट का 21 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन प्रोजेक्ट्स के लिए निर्धारित किया गया है।” उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार और प्रदूषण नियंत्रण को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। दिल्ली सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और दीर्घकालिक रखरखाव को भी सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण और प्रदूषण की चुनौतियों के बीच हरित क्षेत्र का विस्तार बेहद आवश्यक है। इसी दिशा में नमो ऑक्सीजन पार्क, शहरी वन, हरित गलियारे और अन्य पर्यावरणीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से भी पौधारोपण अभियान में भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की साझी जिम्मेदारी है।
पेड़ लगाना ही नहीं, उन्हें बचाना भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम सिर्फ पेड़ लगाना नहीं चाहते, बल्कि उन्हें बचाने पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं।” उन्होंने बताया कि सभी सरकारी विभागों को हरित भवन (ग्रीन बिल्डिंग) विकसित करने और पेड़ों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। राजधानी में हरित क्षेत्र बढ़ाने से वायु प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है। उनके अनुसार, शहरी क्षेत्रों में पेड़ों और हरित आवरण का विस्तार पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ लोगों को बेहतर और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में भी अहम भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुरू किया गया विशाल वृक्षारोपण अभियान और 18 नमो ऑक्सीजन पार्कों का उद्घाटन “स्वच्छ, हरित और स्वस्थ दिल्ली मिशन” का हिस्सा है। उन्होंने इसे जनभागीदारी से जुड़े एक व्यापक अभियान का रूप देने की बात कही। उन्होंने नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी सफल होगा जब इसे सरकारी कार्यक्रम के बजाय जनआंदोलन बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल विकास कार्य करना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। उन्होंने बताया कि इसी दिशा में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है और 18 नमो ऑक्सीजन पार्कों का शुभारंभ किया गया है। रेखा गुप्ता ने कहा, “विश्व पर्यावरण दिवस पर हम विशाल वृक्षारोपण अभियान और 18 नमो ऑक्सीजन पार्कों के उद्घाटन के साथ स्वच्छ, हरित और स्वस्थ दिल्ली मिशन को जनअभियान बना रहे हैं।” शहर में बढ़ते प्रदूषण और शहरीकरण की चुनौतियों के बीच हरित आवरण (ग्रीन कवर) को बढ़ाना बेहद जरूरी है।
सभी दिल्लीवासी एक पेड़ मां के नाम अभियान से जुड़ें
उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़कर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं। मुख्यमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा, “मैं सभी दिल्लीवासियों से आग्रह करती हूं कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ें और एक पौधा अवश्य लगाएं। आइए, मिलकर आने वाली पीढ़ियों के लिए दिल्ली को और स्वच्छ, हरित और स्वस्थ बनाएं।”उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले 100 ऑक्सीजन पार्क बनाने की योजना की घोषणा की थी, जिसके तहत अब 18 नमो ऑक्सीजन पार्कों का काम शुरू हो चुका है। ये पार्क राजधानी में हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष दिल्ली में 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार पौधे उपलब्ध कराएगी और स्थान भी चिन्हित करेगी, लेकिन इस अभियान में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी मुद्दों पर पहले से ही काम कर रही है और भविष्य में इन प्रयासों को और तेज किया जाएगा। सड़क धूल को कम करने के लिए उन्होंने ‘वॉल-टू-वॉल कारपेटिंग’ (पूरी सड़क को पक्का करने) की योजना का भी उल्लेख किया।
दिल्ली सरकार बनाएगी 100 ‘ऑक्सीजन पार्क’
राजधानी में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर हरित अभियान की घोषणा की है। बीते महीने 22 मई को बुराड़ी के मुखमेलपुर गांव में 3 एकड़ भूमि पर पहले ऑक्सीजन पार्क की आधारशिला रखते हुए उन्होंने इस पहल की शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह परियोजना राजधानी में विकसित होने वाले 100 ऑक्सीजन पार्कों की श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया था कि दिल्ली पिछले कुछ वर्षों में “गैस चैंबर” जैसी स्थिति में पहुंच गई है, और अब इस समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
सरकारी योजना के अनुसार, इन ऑक्सीजन पार्कों में घने और फलदार पेड़ लगाए जाएंगे, जिससे न केवल हरित आवरण बढ़ेगा बल्कि पक्षियों को प्राकृतिक आश्रय भी मिलेगा। इसके साथ ही ये क्षेत्र शहर में ऑक्सीजन स्तर बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन सुधारने में मदद करेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया था कि दिल्ली सरकार इस वर्ष 70 लाख से अधिक पेड़ और झाड़ियां लगाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से सरकार प्रदूषण नियंत्रण और हरित विकास की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
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