Delhi Zoo Modernization: राजधानी के चिड़ियाघर (National Zoological Park) में आने वाले पर्यटकों का अनुभव जल्द ही पूरी तरह बदलने वाला है। चिड़ियाघर के व्यापक आधुनिकीकरण के तहत अब कई वन्यजीवों को दूर से देखने के बजाय विजिटर्स और जानवरों के बीच केवल मजबूत सुरक्षा ग्लास की दीवार होगी, जिससे लोग उन्हें पहले से अधिक करीब और सुरक्षित तरीके से देख सकेंगे। इस बदलाव के तहत चिड़ियाघर के एरिना (जहां दर्शकों के लिए वन्यजीव लाए जाते हैं) की डिजाइन में भी बदलाव किया जाएगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य वन्यजीवों को प्राकृतिक वातावरण के अधिक करीब रखते हुए आगंतुकों को बेहतर और इंटरैक्टिव अनुभव उपलब्ध कराना है।

इसी के साथ चिड़ियाघर के बड़े हिस्से के कायाकल्प का काम भी शुरू हो गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) से 400 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना के तहत चिड़ियाघर में आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा, पशु बाड़ों को बेहतर बनाया जाएगा और पर्यटकों की सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।

दिल्ली चिड़ियाघर में बनेगा नया रेप्टाइल हाउस

केंद्र सरकार के डेलीगेटेड इन्वेस्टमेंट बोर्ड (DIB) से मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना को जमीन पर उतारा जा रहा है। इसके तहत चिड़ियाघर में नया रेप्टाइल हाउस बनाया जाएगा, जबकि वन्यजीवों के बाड़ों और एरिना को भी आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। Central Zoo Authority (CZA) के अधिकारियों के अनुसार, डिजाइन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कंसल्टेंट (PMC) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन्यजीवों के बाड़ों का नए सिरे से निर्माण शुरू होगा। परियोजना के तहत मौजूदा एरिना की डिजाइन में भी बदलाव किया जाएगा। अभी दर्शक वन्यजीवों को काफी दूरी से देख पाते हैं, लेकिन नई व्यवस्था में कई बाड़ों में विजिटर्स और वन्यजीवों के बीच केवल मजबूत सुरक्षा ग्लास की दीवार होगी। इससे पर्यटकों को पहले से अधिक नजदीक और सुरक्षित अनुभव मिलेगा।

इसके अलावा, वन्यजीवों के नाइट शेल्टर भी आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किए जाएंगे, ताकि उनके रहने की सुविधाएं बेहतर हो सकें। परियोजना के तहत एक अत्याधुनिक रेप्टाइल हाउस का भी निर्माण किया जाएगा, जहां विभिन्न सरीसृप प्रजातियों को वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से रखा जाएगा। वर्तमान में दिल्ली चिड़ियाघर में 72 बाड़ों में विभिन्न वन्यजीव रखे गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस पुनर्विकास परियोजना से चिड़ियाघर की संरचना, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटकों के अनुभव तीनों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

चिड़ियाघर में बनेगा अत्याधुनिक अस्पताल और रेस्क्यू सेंटर

दिल्ली चिड़ियाघर के पुनर्विकास के तहत वन्यजीवों के उपचार और संरक्षण से जुड़ी सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। योजना के अनुसार, मौजूदा पशु चिकित्सालय का विस्तार कर करीब 2 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा। इसमें ऑपरेशन थिएटर, पोस्टमार्टम रूम, आधुनिक प्रयोगशाला (लैब) और जच्चा-बच्चा वार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, ताकि वन्यजीवों को बेहतर चिकित्सा और देखभाल मिल सके। इसके अलावा लगभग 4 एकड़ क्षेत्र में एक आधुनिक रेस्क्यू सेंटर और एजुकेशन सेंटर भी विकसित किया जाएगा। इनका उद्देश्य घायल और बचाए गए वन्यजीवों की देखभाल के साथ-साथ लोगों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। अधिकारियों के मुताबिक, इस चरण का काम पूरा होने के बाद ‘वेलकम जू गेट’ परिसर का भी व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। यहां आगंतुकों की सुविधा के लिए पिक-एंड-ड्रॉप ज़ोन, सरफेस पार्किंग और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी, जिससे चिड़ियाघर आने वाले लोगों का अनुभव और अधिक सुविधाजनक एवं बेहतर हो सके।

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