Dev Diwali 2025: कार्तिक पूर्णिमा यानी 5 नवंबर को देव दिवाली मनाई जाएगी. इस दिन भगवान शिव के आशीर्वाद से देवता स्वयं गंगा किनारे दीप जलाते हैं. मान्यता है कि इस दिन गंगा में दीप प्रवाहित करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
लेकिन अगर आप बनारस या गंगा तट तक नहीं जा पा रहे हैं, तो निराश न हों. धर्मग्रंथों में कहा गया है कि श्रद्धा और भावना से किया गया दीपदान हर जगह समान फल देता है.
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इस तरह करें दीपदान (Dev Diwali 2025)
आप अपने शहर के किसी स्थानीय नदी, तालाब, झील या कुएं के पास भी दीपदान कर सकते हैं. ध्यान रखें कि यह कार्य सूर्यास्त के बाद, कार्तिक पूर्णिमा की रात्रि में करें. घर में बने आटे या मिट्टी के दीपक में तिल का तेल या घी डालें और उसमें दो बाती रखें, एक ईश्वर के प्रति कृतज्ञता के लिए और दूसरी आत्मशुद्धि के लिए. दीपदान से पहले भगवान विष्णु और भगवान शिव का ध्यान करें.
जब दीप जल में प्रवाहित करें, तो यह भावना रखें कि यह दीप पूरे संसार में प्रकाश फैलाए. इस विधि से किया गया दीपदान भी गंगा स्नान और दीपोत्सव जितना ही पुण्यकारी माना गया है. देव दिवाली पर यदि आप बनारस न पहुंच सकें, तो अपने नगर में किसी जल स्रोत को पवित्र बनाकर दीप जलाएं और दिव्यता का अनुभव करें.

