प्रतीक पटनायक, धमतरी। खरीफ सीजन के दौरान खाद-उर्वरकों की कालाबाजारी और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने जिले में बड़ी कार्रवाई की है। छापामार निरीक्षण के दौरान दो उर्वरक दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि तीन विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और कृषि संचालक राहुल देव के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने धमतरी और कुरूद विकासखंड के विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया।

दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित

जांच के दौरान यादव खाद भंडार, दानीटोला और रूपाली कृषि केंद्र, रामबाग में पीओएस मशीन और भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा मूल्य सूची और स्टॉक सूची का प्रदर्शन नहीं किए जाने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।

तीन दुकानों को कारण बताओ नोटिस

वहीं कुणाल कृषि केंद्र, सूरज कृषि केंद्र और सांई कृषि केंद्र में भी अनियमितताएं पाए जाने पर कृषि विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने इन मामलों में विस्तृत जवाब तलब किया है।

विशेष निगरानी अभियान शुरू होगा

कृषि विभाग ने जानकारी दी है कि 1 जुलाई से 31 अगस्त तक जिले में विशेष उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जमाखोरी, कालाबाजारी और अधिक कीमत पर बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

किसानों से अपील

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद-उर्वरक की खरीद करें। प्रशासन का दावा है कि जिले में फिलहाल पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है और खरीफ सीजन में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।

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