NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि यह फैसला छात्रों और प्रदर्शनकारियों की लगातार उठ रही मांगों के बीच लिया गया है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को NEET पेपर लीक मामले में सरकार पर बढ़ते दबाव के बीच एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। इस विवाद को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्रों और विभिन्न संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे।

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने किया समर्थन

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनके फैसले का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान ने भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और ऐतिहासिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) समेत कई महत्वपूर्ण पहलों को लागू करने में अहम भूमिका निभाई।

नितिन नवीन ने कहा कि व्यापक जनहित को प्राथमिकता देते हुए पद छोड़ने का धर्मेंद्र प्रधान का फैसला सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के उच्च मानदंडों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस फैसले में धर्मेंद्र प्रधान के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।

प्रदर्शनकारियों ने की थी इस्तीफे की मांग

NEET पेपर लीक विवाद के बाद प्रदर्शनकारी लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों की अन्य मांगों में प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा और विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन भी शामिल था।

धर्मेंद्र प्रधान ने ली जिम्मेदारी

इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने NEET पेपर लीक मामले की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी स्थिति से मुंह नहीं मोड़ा और छात्रों के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य देश में राष्ट्रीय एकता बनाए रखना और छात्रों के भविष्य को कानूनी पेचीदगियों से बचाना है।

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