नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, “प्रधान को तो जाना ही था। अच्छा है चला गया। वो भ्रष्टाचार का सिंबल है। उन्होंने देश के शिक्षा सिस्टम को खोखला कर दिया।”
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत की शिक्षा व्यवस्था पर लगातार हमला हो रहा है और उसका निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) दोनों जिम्मेदार हैं।
राहुल गांधी ने दोहराईं छात्रों की तीन मांगें
राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दे पर कहा कि उनकी तीन प्रमुख मांगें हैं और इनसे किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
पहली मांग: धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से हटाया जाए।
दूसरी मांग: छात्रों पर कार्रवाई करने वाले दिल्ली पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। राहुल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया।
तीसरी मांग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छात्रों पर हुए कथित हमले के लिए माफी मांगनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदलने पर विचार कर रही है, लेकिन छात्रों को यह मंजूर नहीं है।
जंतर-मंतर पर 23 दिन तक चला छात्र आंदोलन
राहुल गांधी के साथ लेफ्ट संगठन AISA से जुड़ी छात्राएं भी मौजूद थीं। इन छात्राओं ने जंतर-मंतर पर 23 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। इससे पहले राहुल गांधी ने शुक्रवार को भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने 20 जुलाई के छात्र प्रदर्शन में घायल एक युवक को साथ लाकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे।
राहुल गांधी ने घायल छात्र के हाथ, पीठ और छाती पर लगे घाव दिखाते हुए कहा कि वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, तभी वह कथित तौर पर पेलेट गन से घायल हुआ। उन्होंने छात्रों से कहा कि उन्हें उन पर गर्व है। राहुल ने कहा कि ये छात्र डरने वाले नहीं हैं और देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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