हेमंत शर्मा, इंदौर। कांग्रेस के वरिष्ठ और विवादों के ‘पुराने खिलाड़ी’ दिग्विजय सिंह एक बार फिर अपनी बेलगाम जुबान के चलते सुर्खियों में हैं। मध्य प्रदेश राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होते ही वह भड़क उठे। उन्होंने केंद्र, राज्य, चुनाव आयोग और देश की सर्वोच्च अदालत को एक साथ कटघरे में खड़ा कर दिया।

बीजेपी का आरोप है कि पार्टी नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होते ही दिग्विजय सिंह बौखलाहट में आ गए और उन्होंने एक साथ केंद्र सरकार, राज्य सरकार, चुनाव आयोग और यहां तक कि देश की सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट पर कीचड़ उछाला है

बीजेपी का आरोप है कि दिग्विजय सिंह ने बेशर्मी की हद पार करते हुए कहा है कि सभी संस्थाएं आपस में मिली-जुली हैं, इन सबने चोरी की है। यानी उनकी नजर में देश का हर संवैधानिक स्तंभ भ्रष्ट है बशर्ते उनकी पार्टी का काम न बने।

BJP का तीखा पलटवार- “हमज़ा बन गए दिग्गी राजा”

दिग्विजय के इस विवादित और संविधान-विरोधी बयान पर BJP नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने करारा जवाब दिया। मिश्रा ने दिग्विजय सिंह को “हमज़ा अली मंजरी” का नया नाम देते हुए कहा, ‘दिग्विजय सिंह खुद की गलती का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रहे हैं। नामांकन रद्द होने की असली जिम्मेदारी इन्हीं की है, लेकिन ये सुप्रीम कोर्ट तक को नहीं बख्श रहे।’ BJP नगर अध्यक्ष ने यह भी ऐलान किया कि दिग्विजय सिंह को इस आपत्तिजनक बयान के लिए नोटिस भी जारी किया जा रहा है।

कमलनाथ की चुप्पी पर BJP का तीखा सवाल

सुमित मिश्रा ने इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ की रहस्यमयी चुप्पी पर भी निशाना साधा और सीधे पूछा- ‘जब दिग्विजय सिंह सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्था पर कालिख पोत रहे हैं, तो कमलनाथ जी मुंह क्यों बंद किए बैठे हैं? क्या वो भी इस बयान से सहमत हैं?’ 

साफ है कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन की हार को पचा न पाने वाले दिग्विजय सिंह ने लोकतंत्र के हर स्तंभ पर एक साथ हमला बोलकर अपनी राजनीतिक हताशा का सार्वजनिक प्रदर्शन किया है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस इस ‘आग’ को बुझाती है या और हवा देती है।

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