हरियाणा के करनाल में सिंगर दिलजीत दोसांझ के मैनेजर के घर फायरिंग की खबर सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसकी जिम्मेदारी बिश्नोई गैंग ने ली है। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने ऐसी किसी भी वारदात से साफ इनकार किया है।
करनाल। जिले के अंतर्गत आने वाले गांव गोंदर में प्रसिद्ध पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के मैनेजर गुरप्रताप कांग के घर पर फायरिंग होने की खबर ने सनसनी फैला दी है। सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित सदस्यों द्वारा इस हमले की जिम्मेदारी लेने की पोस्ट वायरल हो रही है। हालांकि, इस पूरे मामले में पेंच तब फंसा जब करनाल पुलिस ने ऐसी किसी भी वारदात के होने से पूरी तरह इनकार कर दिया। निसिंग थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस ने गांव और परिवार से बात की है और वहां न तो कोई गोली चली है और न ही ऐसी कोई सूचना प्राप्त हुई है।
सोशल मीडिया पोस्ट में गंभीर आरोप और हमले का दावा
सोशल मीडिया पर टायसन बिश्नोई और आरजू बिश्नोई के नाम से बने पेजों से एक पोस्ट डाली गई है। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि दिलजीत दोसांझ के मैनेजर गुरप्रताप कांग के घर पर ऑस्ट्रिया-मेड हथियारों से गोलियां चलाई गई हैं। हमलावरों ने आरोप लगाया है कि दिलजीत की टीम में कर्मचारियों द्वारा लड़कियों का शोषण किया जा रहा था, जिसकी चेतावनी पहले ही दी गई थी। पोस्ट में ऑस्ट्रेलिया टूर का जिक्र करते हुए अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं और कहा गया है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद टीम में बदलाव न करने के कारण यह कदम उठाया गया है। हालांकि, इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
आम आदमी पार्टी का भाजपा पर कड़ा प्रहार
इस कथित घटना को लेकर अब हरियाणा में राजनीति भी गर्मा गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि भाजपा की ‘एंटी पंजाब’ सोच का नतीजा है। ढांडा ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले ही दिलजीत दोसांझ ने भाजपा में शामिल होने का ऑफर ठुकरा दिया था, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है। उन्होंने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को भाजपा से संरक्षण प्राप्त बताते हुए कहा कि यह पंजाबियों को डराने की एक कोशिश है।
जांच में जुटी पुलिस
निसिंग थाना पुलिस के अनुसार, गांव गोंदर में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। थाना प्रभारी ने मीडिया को स्पष्ट किया कि पुलिस के पास फायरिंग से संबंधित कोई शिकायत नहीं आई है और न ही गांव वालों ने ऐसी किसी घटना की पुष्टि की है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट का स्रोत क्या है और क्या यह सिर्फ सनसनी फैलाने का एक जरिया है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है और सोशल मीडिया गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

