रुद्रप्रयाग. बद्रीनाथ हाईवे से सटे नगरासू गुरुद्वारे का विवाद दूसरे दिन भी जारी है. निहंगों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बनी है. गुरुद्वारा दमदमा साहिब में 7-10 निहंग मौजूद बताए जा रहे हैं. कुछ निहंग गुरुद्वारे की छत पर चढ़े हैं. क्षेत्र में तनाव का माहौल है. वहीं एक श्रद्धालु को बंधक बनाए जाने की चर्चा है. बंधक बनाए जाने की सूचना की जांच जारी है. गुरुद्वारे के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. आईटीबीपी जवान भी मौके पर तैनात है. कर्णप्रयाग में एहतियातन इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है.
दरअसल, नगरासू स्थित गुरुद्वारा दमदमा साहिब में निहंग सिखों द्वारा किए गए हंगामे और कब्जे के कारण यह विवाद चर्चा में है. निहंग सिखों का आरोप है कि स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन ने कर्णप्रयाग में हुई एक घटना में उनका पक्ष नहीं लिया. बीते 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग (हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग) में निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों और युवकों के बीच किसी बात को लेकर हिंसक झड़प हुई थी. इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निहंगों को गिरफ्तार किया था.
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इस घटना से नाराज पंजाब से आए निहंगों ने नगरासू गुरुद्वारा प्रबंधन से सहयोग की अपील की. गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से अपेक्षित सहयोग न मिलने पर, निहंगों ने गुरुद्वारे के सेवादार के साथ मारपीट की और गुरुद्वारे के मुख्य भाग पर कब्जा कर लिया. निहंगों द्वारा कुछ लोगों को बंधक बनाने की बात भी सामने आई. हालांकि बाद में उन लोगों को छोड़ दिया गया था. लेकिन सेवादार को अपने कब्जे में रखा. वे हथियार लहराते हुए गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए.
प्रशासन, पुलिस और आईटीबीपी (ITBP) के जवान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तैनात किए गए हैं. कर्णप्रयाग में धारा 163 लागू कर दी गई है और एहतियातन रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है.

