नितिन नामदेव, रायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा इलाके में स्थित मदीना मस्जिद के बाजू की जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक ओर मस्जिद कमेटी और छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड इस जमीन को वक्फ संपत्ति बता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पिछले करीब 40 वर्षों से वहां रह रहे परिवार का दावा है कि जमीन उनके माता-पिता की है और उनके पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं।

जानकारी के मुताबिक, हाल ही में जमीन पर निवासरत परिवार द्वारा निर्माण कार्य शुरू किया गया और दीवार खड़ी करने का काम किया जा रहा था। इसका मस्जिद कमेटी ने विरोध किया। मस्जिद कमेटी का आरोप है कि वक्फ की जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण किया जा रहा है।

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष पहुंचे मौके पर

विवाद बढ़ने के बाद आज मस्जिद कमेटी के सदस्य और छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज मौके पर पहुंचे और जमीन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जमीन पर रह रहे परिवारों पर अतिक्रमण का आरोप लगाया।

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का कहना है कि संबंधित जमीन वक्फ की संपत्ति है और मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परिवार ने वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी के दावों को किया खारिज

वहीं दूसरी ओर जमीन पर रह रहे तनवीर अहमद और उनके परिवार ने वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी के दावों को खारिज किया है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे पिछले कई दशकों से यहां रह रहे हैं और उनके पास जमीन के सभी वैध कागजात मौजूद हैं। उनका दावा है कि नगर निगम में जमीन उनके नाम पर दर्ज है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें इस जमीन के आधार पर लोन भी स्वीकृत हुआ है, जिससे यह साबित होता है कि जमीन उनकी निजी संपत्ति है।

फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेजों और दावों के आधार पर जमीन पर अधिकार जता रहे हैं। मामले को लेकर अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि संबंधित जमीन आखिर किसकी है। वहीं इस मामले को लेकर कमेटी के लोगों ने तेलीबांधा थाना जाने की बात कही है।

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