बहुचर्चित एलएलबी छात्रा दिव्या कुमारी पासवान हत्याकांड में पुलिस मुख्यालय ने एक्शन लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। 20 जुलाई को पूनम कुमारी द्वारा डीएसपी-1 को दिए गए आवेदन में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए गए थे। जांच में यह बात सामने आई कि मृतका की मां उर्मिला देवी द्वारा शेरघाटी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, लेकिन दिव्या के अनुसूचित जाति समुदाय से ताल्लुक रखने के बावजूद एफआईआर में एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं नहीं जोड़ी गईं। इसी बड़ी प्रशासनिक चूक का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी को न्यायालय से जमानत मिल गई थी। डीएसपी-1 की जांच रिपोर्ट में इन सभी खामियों की पुष्टि होने के बाद एसएसपी ने यह सख्त कदम उठाया है।
चौकीदार की संलिप्तता और अन्य खुलासे
जांच के दायरे में केवल थानाध्यक्ष ही नहीं, बल्कि थाने के अन्य कर्मचारी भी आए हैं। चौकीदार देवेंद्र कश्यप पर यह गंभीर आरोप सिद्ध हुआ है कि उसने पीड़ित परिवार के साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया और उन्हें डांट-फटकार लगाई। जांच रिपोर्ट में चौकीदार की मुख्य आरोपी राहुल कुमार यादव के साथ मिलीभगत और संलिप्तता के स्पष्ट संकेत मिले हैं। इसके अलावा, मामले से जुड़े कई अहम तथ्यों को जानबूझकर छिपाने की बात भी सामने आई है। इतना ही नहीं, एसएसपी के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि जांच के दौरान कुछ स्थानीय पत्रकारों द्वारा ब्लैकमेलिंग और रंगदारी वसूले जाने की पुष्टि भी हुई है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य आरोपी झारखंड पुलिस को सौंपा गया
इधर, शेरघाटी पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए हत्याकांड के मुख्य आरोपी राहुल कुमार यादव को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे गहन पूछताछ की गई और सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए झारखंड के हंटरगंज थाना पुलिस को सौंप दिया गया। तत्कालीन शेरघाटी थानाध्यक्ष मोहन कुमार ने आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि उससे मिले सुरागों के आधार पर अन्य पहलुओं की भी बारीकी से जांच की जा रही है। वहीं, डीएसपी संदीप कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि पूछताछ के दौरान सामने आए नए तथ्यों के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री और साजिश की कड़ियों को तेजी से जोड़ा जा रहा है।
24 जून से लापता थी छात्रा, 26 जून को मिला था शव
आपको बता दें कि यह पूरा मामला डोभी प्रखंड के अक्षमा गांव का है, जहां की रहने वाली 24 वर्षीय एलएलबी छात्रा दिव्या कुमारी पासवान गत 24 जून से अचानक रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थी। परिजनों की लगातार खोजबीन और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई थी। लापता होने के महज दो दिन बाद यानी 26 जून को उसका शव बरामद हुआ था, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे और न्याय की मांग को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहे थे, जिसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है।


