ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका और EU के बीच दरार बढ़ती जा रही है। पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के देशों पर 25% टैरिफ लगाया है. अगले सप्ताह मैं संयुक्त राज्य अमेरिका में आने वाली कारों और ट्रकों पर यूरोपीय संघ की तरफ से लगाए जाने वाले टैरिफ को बढ़ा दिया जाएगा. इस बीच अब एक बड़ा फैसला लेते हुए ट्रंप ने जर्मनी से 5,000 अमेरिकी सैनिकों को निकालने का आदेश दे दिया है। अगले 6 से 12 महीने में इन सैनिकों को अमेरिका लाया जाएगा। पेंटागन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह फैसला यूरोप में सैन्य जरूरतों और हालात की समीक्षा के बाद लिया गया है।
गहन समीक्षा के बाद लिया गया फैसला- पेंटागन
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने कहा, “यह निर्णय यूरोप में विभाग की सैन्य तैनाती की गहन समीक्षा और जमीनी स्तर पर मौजूद आवश्यकताओं और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।” पेंटागन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जर्मनी की हालिया बयानबाजी अनुचित और मददगार नहीं रही है। अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति इन विपरीत असर डालने वाली टिप्पणियों पर बिल्कुल सही प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
किन-किन टीमों को वापस बुला रहा अमेरिका?
रिपोर्ट के मुताबिक, जर्मनी में तैनात एक ब्रिगेड कॉम्बैट टीम को अमेरिका वापस बुलाने जा रहा है। इसके साथ ही एक लॉन्ग रेंज फायर बटालियन भी जर्मनी में तैनात नहीं की जाएगी। इसे बाइडन प्रशासन ने इस साल के अंत में जर्मनी में तैनात करने की योजना बनाई थी। इस कटौती से यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की संख्या 2022 से पहले के स्तर पर वापस आ जाएगी। 2024 में जर्मनी में अमेरिका के 35,000 से ज्यादा सैनिक थे।
ट्रंप ने जर्मन चांसलर मर्ज पर बोला हमला
हाल ही में ट्रंप ने कहा था कि जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज को नहीं पता है कि वह क्या कह रहे हैं। इससे पहले मर्ज ने कहा था कि ईरानी इस युद्ध में अमेरिका को अपमानित कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा था, “मर्ज को लगता है कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है। उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है ! अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो पूरी दुनिया बंधक बन जाती।”
मर्ज के बयान पर भड़के ट्रंप
मर्ज ने 27 अप्रैल को कहा था कि 2 महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत में ईरानी अमेरिका को अपमानित कर रहे हैं। मर्ज ने कहा था, “यह स्थिति अमेरिका के लिए गहरे रणनीतिक मुद्दों को दर्शाती है। संघर्ष केवल प्रवेश करने के बारे में नहीं है, बल्कि उससे बाहर निकलने का रास्ता खोजने के बारे में भी है, जो अमेरिका के लिए अतीत में मुश्किल साबित हुआ है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

