जामगांव-आर। पाटन ब्लॉक के रानीतराई थाना क्षेत्र के ग्राम ओदरागहन के पोखन लाल साहू ने थाने से लौटने के बाद बुधवार को गांव में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने कथित रूप से उसके साथ मारपीट की थी, जिससे वह मानसिक रूप से क्षुब्ध था। वहीं पुलिस का कहना है कि मृतक शराब पीने का आदी था और परिवार के लोग उसकी हरकतों से परेशान थे। मामले में पुलिस ने जांच की बात कही है।

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जानकारी के मुताबिक, पोखन लाल साहू शराब पीने का आदी था और आए दिन पत्नी के साथ विवाद एवं मारपीट करता था। इसी को लेकर उसकी पत्नी केशरी साहू रविवार रात ग्राम कोतवाल और अपने ससुर गिरधर साहू के साथ रानीतराई थाना पहुंची और पति के खिलाफ शिकायत की। शिकायत के बाद डायल-112 की टीम पोखन लाल को उसके घर से थाने लेकर पहुंची। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि थाने में उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई और बाद में समझाकर छोड़ दिया गया।

जीजा ने लगाया पुलिस पर ज्यादती का आरोप

मृतक के जीजा श्रीराम साहू ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि थाने से लौटने के बाद पोखन ने पुलिस की कथित मारपीट की जानकारी लोगों को दी थी। अब उसकी मौत के बाद परिवार पुलिस की भूमिका की जांच की मांग कर रहा है। वहीं पुलिस के अनुसार पोखन लाल शराब पीने का आदी था, जिसके कारण परिवार के लोग परेशान थे।

6 सितंबर को उसकी पत्नी कोतवाल और अपने ससुर के साथ थाने पहुंची थी। पुलिस का कहना है कि जब जवान उसे लेने उसके घर पहुंचे तो उसके हाथ में हंसिया था और वह अपनी पत्नी पर हमला करने के लिए उतारू था। पुलिस जवानों ने किसी तरह उसे थाने लाकर समझाया और बाद में छोड़ दिया।

मौत से पहले ग्रामीणों को बताई थी आपबीती

बताया जा रहा है कि थाने से लौटने के अगले दिन पोखन लाल ने गांव के कुछ लोगों के सामने कथित रूप से पुलिस द्वारा की गई मारपीट की बात बताई थी। ग्रामीणों के अनुसार उसने इस घटना से काफी क्षुब्ध होने और आत्महत्या कर लेने की बात भी कही थी। इसके बाद बुधवार को उसने गांव में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी ग्राम कोतवाल के माध्यम से पुलिस को मिली। पुलिस ने शव को पाटन ले जाकर पोस्टमार्टम कराया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।

अफीम की खेती मामले में हुई सुनवाई, कोर्ट में बयान दर्ज

दुर्ग। अफीम की अवैध खेती के बहुचर्चित मामले में न्यायालय में सुनवाई 9 सितंबर से प्रारंभ हो गई है। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस दुर्ग पी एस मरकाम की कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान दो पुलिस कर्मचारियों आरक्षक यशवंत पिस्दा और प्रधान आरक्षक मनीषा ध्रुव का बयान दर्ज किया गया है। अगली सुनवाई के दौरान स्वतंत्र गवाह गणेश चंद्राकर एवं हेमचंद साहू का बयान दर्ज किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि ग्राम समोदा में पुलिस ने सात मार्च 2026 को अफीम की अवैध खेती करने वालों पर कार्रवाई की थी और अफीम की फसल को जब्त किया था। खेत के भीतर 5.60 एकड़ जमीन पर मक्के की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे। कार्रवाई के दौरान 14 लाख 30 हजार 100 अफीम के पौधे मिले। इनका अनुमानित वजन करीब 62 किग्रा आंका गया था। मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, विकास विश्नोई सहित अन्य लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर प्रकरण सुनवाई के लिए न्यायालय में पेश किया। मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार आठ आरोपियों के खिलाफ चालान पहले ही पेश किया जा चुका है।

40 प्रतिशत रिटर्न का झांसा देकर युवक से 9.72 लाख की ठगी

भिलाईनगर। सोशल मीडिया के जरिए ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर भिलाई के एक व्यक्ति से 9 लाख 72 हजार रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पीड़ित को प्रतिदिन 40 प्रतिशत राशि वापस करने का भरोसा दिलाकर अलग-अलग खातों और यूपीआई आईडी में रकम जमा कराई। जब पीड़ित को अपनी जमा राशि के बदले 46 लाख 23 हजार रुपये वापस मिलने थे. तब आरोपियों ने खाता संख्या गलत होने का हवाला देते हुए दोबारा पैसे जमा करने के लिए कहा। संदेह होने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।

सेक्टर-7 निवासी महेन्द्र कुमार (53वर्ष) ने भिलाईनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराया। शिकायत के अनुसार नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच आरोपियों ने फेसबुक के माध्यम से उनसे संपर्क किया। इसके बाद व्हाट्सएप पर ट्रेडिंग के नाम पर बातचीत करते हुए प्रतिदिन 40 प्रतिशत रिटर्न का लालच दिया गया। आरोपियों के झांसे में आकर महेन्द्र कुमार ने अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई माध्यमों से कुल 9,72,000 रुपये जमा कर दिए।

पीड़ित के अनुसार जब रकम वापसी का समय आया तो आरोपियों ने 46,23,000 रुपये वापस करने की बात कही, लेकिन बाद में खाता संख्या गलत होने का हवाला देकर फिर से रकम जमा करने के लिए दबाव बनाया। इस पर महेन्द्र कुमार को धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करायी है। महेन्द्र कुमार की रिपोर्ट पर भिलाईनगर पुलिस ने अपराध दर्ज किया है।

पुलिस ने मामले में गीता और दीपेश चावला के खिलाफ धारा 318 (4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों से जुड़े मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और यूपीआई लेनदेन की जांच कर रही है। साथ ही ठगी की रकम के लेनदेन और आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

छत्तीसगढ़ स्टेट सीनियर फीडे रेटेड शतरंज चैम्पियनशिप का शुभारंभ आज

भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ व खेल एवं युवा कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशन में अग्रसेन जन कल्याण समिति एवं अग्रसेन महिला कल्याण समिति के सहयोग से जिला शतरंज संघ दुर्ग द्वारा 10 से 13 अगस्त तक भिलाई के सेक्टर 6 स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ स्टेट सिनियर फीडे रेटेड शतरंज चैम्पियनशिप का भव्य आयोजन किया गया है। स्पर्धा का शुभारंभ 10 अगस्त को प्रातः 10 बजे अग्रसेन जन कल्याण समिति भिलाई के महा सचिव अनिल अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा।

स्पर्धा में चार पुरुष एवं चार महिला खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय शतरंज चैंपियनशिप के लिए किया जाएगा। राष्ट्रीय सिनियर शतरंज चैंपियनशिप उत्तर प्रदेश एवं राष्ट्रीय महिला शतरंज चैंपियनशिप तेलंगाना में आयोजित है । स्पर्धा में कुल एक लाख पांच हजार रुपए नगद राशि के अलावा ट्रॉफी, मोमेंटो एवं भाग लेने वाले समस्त प्रतिभागियों को मेडल एवं ई सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। स्पर्धा के मुख्य निर्णायक इंटरनेशनल आर्बिटर अलंकार भिवगड़े सहायक निर्णायक इंटरनेशनल आर्बिटर रॉकी देवांगन एवं फीडे आर्बिटर अनिल शर्मा, धीरज चावरे, सिनियर नेशनल आर्बिटर विक्रम सिंह राजपूत, सद्दाम हुसैन होंगे।

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 4 करोड़ रूपए की धोखाधड़ी कर आत्महत्या के लिए किया मजबूर

राजनांदगांव। शेयर ट्रेडिंग तथा चटिया मटिया के नाम से रकम दोगुना करने का झांसा देकर लगभग 4 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करते हुए आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

कोतवाली पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोमल साहू ने 17 अक्टूबर 2025 को मानसिक तनाव के चलते जहर सेवन कर लिया था, जिसकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। मर्ग जांच के दौरान मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ तथा बैंक स्टेटमेंट व मोबाइल डेटा की गहन जांच की गई।

विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी मो. अजीज खान ने मृतक को शेयर मार्केट में निवेश और ‘तंत्र-मंत्र’ (चटिया मटिया) के माध्यम से पैसे दोगुना करने का लालच देकर लगभग 4 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी। रकम वापस न मिलने और कर्जदाताओं के दबाव के कारण मृतक अत्यधिक मानसिक तनाव में था, जिसके चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया। आरोपियों के खिलफ अपराध दर्ज कर लिया गया है।

जमीन खरीदी बिक्री के नाम पर डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी

राजनांदगांव। जमीन खरीदी बिक्री के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। लालबाग पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आवेदिका चंदाबाई खरे निवासी ग्राम पेण्ड्री जिला राजनांदगांव द्वारा भूमि विक्रय के संबंध में शिकायत प्रस्तुत की गई थी।

शिकायत के अनुसार, ग्राम पेण्ड्री स्थित भूमि, खसरा क्रमांक 548 / 6, रकबा 0.48 एकड़ (0.1916 हेक्टेयर) का सौदा आरोपियों के साथ 2 करोड़ 5 लाख रुपए में तय होना बताया गया। शिकायत में उल्लेख किया गया कि सौदे के पश्चात आवेदिका को कुल राशि में से 23 लाख रुपए का भुगतान किया गया, जबकि शेष 1 करोड़ 61 लाख की राशि का भुगतान नहीं किया गया।

शिकायतकर्ता द्वारा शेष राशि की मांग किए जाने पर विवाद किए जाने का भी आरोप लगाया गया। उक्त शिकायत की नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन द्वारा जांच की गई। जांच में उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने पर थाना लालबाग में अपराध क्रमांक 391/2026, धारा 318 ( 4 ) 3 ( 5 ) BNS के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर थाना प्रभारी लालबाग निरीक्षक रमेश पटेल द्वारा विवेचना में लिया गया है।

प्रकरण में नामजद आरोपी प्रवीण झलके, प्रभात जैन एवं लाला यादव के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। पुलिस द्वारा प्रकरण से संबंधित दस्तावेजों एवं अन्य तथ्यों का परीक्षण कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

बीएससी के प्रति विद्यार्थियों का रुझान हुआ कम, सीट रह गई खाली

राजनांदगांव। राजनांदगांव के महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी विज्ञान संकाय की कुछ सीटें खाली रह गई हैं। विशेषकर बीएससी मैथ्स और बायो विषयों में विद्यार्थियों की संख्या अपेक्षा के अनुरूप नहीं पहुंच पाई। जिले के सभी शासकीय और निजी महाविद्यालयों में यही स्थिति देखने को मिली है। कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को दाखिला भी नहीं मिल पाया है।

जिले में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी अधिक से अधिक महाविद्यालय का संचालन किया जा रहा है। शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद से महाविद्यालय में प्रवेश की प्रक्रिया सुनिश्चित कराई जा रही थी। 31 अगस्त तक अंतिम तिथि होने के बाद भी कई महाविद्यालयों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीट भी खाली बताई जा रही है। विशेष रूप से बीएससी बायो और मैथ्स में सीट रिक्त होने के कारण महाविद्यालय भी चिंतित में है।

दिग्विजय महाविद्यालय की प्राचार्य ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अब बीएससी के प्रति विद्यार्थियों का रुझान कम हुआ है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अन्य व्यावसायिक और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिसके कारण विज्ञान संकाय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या प्रभावित हुई है। फिर भी महाविद्यालय में स्थिति बेहतर है ।

उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके बावजूद बीएससी मैथ्स और बायो की कुछ सीटें रिक्त रह गई हैं। कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर प्रवेश नहीं मिल पाया। जिले में उच्च शिक्षा के लिए जिला मुख्यालय में तीन शासकीय महाविद्यालयों के साथ चार निजी महाविद्यालय संचालित हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी 12 से अधिक महाविद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को अध्ययन की सुविधा मिल रही है।

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