भिलाईनगर। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में ब्लू डस्ट की आड़ में 250 टन लोहा चोरी के मास्टर माइंड फरार 10 हजार रुपए के ईनामी संजय सिंह को दुर्ग पुलिस ने 21 वें दिन ग्राम- देवरिया (उत्तरप्रदेश) से दबोच लिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दुर्ग पुलिस ने सप्ताह भर से वहां पर डेरा डालकर योजनाबंद तरीके से पकड़ा। पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है।

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डीआईजी व दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि प्रकरण में पूर्व में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। विवेचना के दौरान मुख्य फरार आरोपी संजय सिंह (48 वर्ष) निवासी खुर्सीपार की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी उत्तरप्रदेश में छिपकर रह रहा है। सूचना पर विशेष पुलिस टीम गठित कर उत्तरप्रदेश रवाना किया गया। जांच के दौरान आरोपी का देवरिया में छिपकर रहना पता चला।

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इस पर पुलिस टीम ने उसके ठिकाने पर दबिश देकर घेराबंदी की गई तथा उसे गिरफ्तार कर दुर्ग लाया गया। वहीं विवेचना के दौरान एक अन्य आरोपी पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा ( 48 वर्ष) निवासी सड़क नंबर 26, सेक्टर- 05 की भी स्क्रैप चोरी प्रकरण में संलिप्तता पाए जाने पर उसे भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर पूछताछ के लिए 7 दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।

बता दें कि पुलिस ने मामले में 30 मई को सांई एसोसिएट के क्रेन आपरेटर रविन्द्र साहू को गिरफ्तार किया था। वह मुख्य आरोपी संजय सिंह के निर्देश पर क्रेन के माध्यम से लोहे के स्क्रैप को ब्लू डस्ट परिवहन करने वाली गाड़ियों में लोड करता था। इसके बाद 31 मई को सांई एसोसिएट का सुपरवाइजर घनश्याम गुप्ता को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं 1 जून को भी पुलिस ने आरोपी इन्द्र कुमार पटेल (26 वर्ष) निवासी छावनी व मदन साहू (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया था।

बीएसपी के महाप्रबंधक की रिपोर्ट पर हुआ था अपराध दर्ज

पुरानी भिलाई पुलिस ने 27 मई को बीएसपी के महाप्रबंधक धमन भट्ठी राजेश चमोर्शिकर की शिकायत पर 5 आरोपियों संजय सिंह, मो. सलीम, चिंतानंद साहू, जितेश वर्मा व निर्मल सिंह के खिलाफ धारा 303 (2), 317 (4), 3 (5), 112 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने संजय सिंह के सुपरवाइजर निर्मल सिंह (52 वर्ष) वैशालीनगर, मीथेन ठाकुर निवासी सिकोला बस्ती मोहननगर, चिंतानंद साहू(40 वर्ष) बाबा दीप सिंह नगर वैशालीनगर, जितेश वर्मा (36 वर्ष) निवासी टाटा लाइन कोहका को गिरफ्तार किया था। इस मामले में मो. सलीम व मास्टर माइंड आरोपी संजय सिंह फरार चल रहा था।

ऑनलाइन अटेंडेंस के दावे खोखले, पहले दिन ही वीएसके ऐप का सर्वर क्रैश

दुर्ग। स्कूल खुलने के पहले दिन ही ऑनलाइन अटेंडेंस के दावे खोखले साबित हुए। एक ही समय में ऑनलाइन अटेंडेंस देने के चलते वीएसके ऐप का सर्वर क्रैश हो गया। इस ऐप के जरिए ऑनलाइन उपस्थिति देने शिक्षक दिन भर परेशान होते रहे।

दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के शिक्षकों को वीएसके ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए। साथ ही, निर्धारित समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों के उस दिन का वेतन काटने संबंधी आदेश भी जारी किया गया। इस बीच मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से वीएसके एप का सर्वर डाउन होने एवं तकनीकी खामियों के कारण शिक्षकों के ऑनलाइन चेक-इन नहीं हो पाने की शिकायतें सामने आई हैं। कई शिक्षकों ने स्क्रीनशॉट साझा कर बताया कि नेटवर्क एवं सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण घंटों प्रयास करने के बावजूद उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी।

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत का कहना है कि प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी पहले से ही एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में केवल ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था ने शिक्षकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। शिक्षकों का कहना है कि यदि तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है तो इसके लिए संबंधित शिक्षक को जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा।

नवीन शिक्षक संघ ने इस मामले में विभाग से गंभीरतापूर्वक विचार करने की मांग करते हुए कहा है। कि तकनीकी खामियों के चलते किसी भी शिक्षक का वेतन काटने जैसी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में वीएसके एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में शिक्षकों को नेटवर्क संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। परेशान होते रहे इन संकुलों के शिक्षक अंजोरा ख, निकुम, बासिन, पाहंदा, उमरपोटी, रसमड़ा, झीट, चरोदा, बेल्हारी, रूदा, जमराव, धनोरा, उरला, दीपकनगर, जेआरडी सहित कई स्कूलों में शिक्षकों को को ऑनलाइन अटेंडेंस में दिक्कते हई।

सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने वालों पर कार्रवाई से मचा बवाल, ग्रामीणों ने घेरा थाना

अण्डा। थाना अण्डा पुलिस द्वारा 13 जून को जंजगिरी तिराहा में सार्वजनिक स्थान पर शराब सेवन के आरोप में चार लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कार्रवाई से नाराज दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने थाना अण्डा पहुंचकर घेराव किया। पुलिस पर दुर्व्यवहार, मारपीट तथा कथित रूप से डेढ़ हजार रुपये लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए।

ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को लिखित आवेदन सौंपकर आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। आवेदन में यह भी उल्लेख किया कि गांव के एक पूर्व सरपंच के साथ कथित रूप से थप्पड़ मारने जैसी घटना हुई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, उन्होंने शराब सेवन किया था, लेकिन उनके पास से कोई बड़ी मात्रा में शराब बरामद नहीं हुई। उनका आरोप है कि बिना किसी मशीन या वैज्ञानिक परीक्षण के उन्हें रास्ते में रोककर पुलिस वाहन में बैठाकर थाना लाया गया। उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया।

विवाद में जंजगिरी निवासी तेजय कुमार देशमुख (43 वर्ष), गुणवंत लाल साहू (57 वर्ष), महेश कुमार साहू (43 वर्ष) तथा बोरीगारका निवासी अरविंद साहू (35 वर्ष) हैं, जिनके विरुद्ध थाना अण्डा पुलिस ने आबकारी अधिनियम की धारा 36 (च) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार मुखबिर की सूचना पर जंजगिरी तिराहा में सार्वजनिक स्थान पर शराब पी रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के कब्जे से शराब, खाली बोतल, डिस्पोजल गिलास एवं अन्य सामग्री जब्त की गई। मेडिकल परीक्षण में शराब सेवन की पुष्टि हुई। इसके बाद नियमानुसार गिरफ्तारी एवं वैधानिक कार्रवाई की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी श्रद्धा पाठक ने ग्रामीणों से प्राप्त आवेदन स्वीकार कर लिया है। उन्होंने शिकायत में नामजद दिलीप राउत, राजेश कुमार साहू सहित अन्य दो पुलिसकर्मियों के संबंध में अपने वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त कर जांच कराने एवं तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

बीएसपी ने तीन स्कूलों को नए सत्र में कर दिया बंद

भिलाईनगर। बीएसपी ने अपने तीन स्कूलों को नए शिक्षा सत्र में बंद कर दिया। बीएसपी गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल खुर्सीपार, इंग्लिश मीडियम मिडिल स्कूल सेक्टर 01 और इंग्लिश मीडियम मिडिल स्कूल आंबांधा सेक्टर हमेशा के लिए बंद हो गया। अब बीएसपी के केवल 06 स्कूल रह गए हैं और इनमें से भी तीन को आऊटसोर्सिंग में देने की प्रक्रिया चल रही है। बचे दो स्कूलों में भी आगामी वर्षों में ताला लगना तय है।

नया सत्र शुरु होते ही बाकी सारे स्कूल खुलते हैं लेकिन बीएसपी में स्कूल बंद होते हैं। बीएसपी के तीन स्कूलों में नए सत्र से ताला लग गया। हालांकि बीएसपी मैनेजमेंट के अफसर स्कूलों के बंद होने को बंद होना नहीं मानते, वो कहते हैं स्कूलों को ‘मर्ज’ किया गया है। वे स्कूलों के बंद होने का इस तरह से बचाव करते हैं। बीएसपी इंग्लिश मीडियम मिडिल स्कूलों में पिछले वर्ष केवल सेक्टर 06 और सेक्टर 09 में ही क्लास 01 में प्रवेश दिया गया था। बाकी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में क्लास 01 में काफी पहले से ही प्रवेश देना बंद कर दिया गया था। इस तरह इंग्लिश मीडियम मिडिल स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया काफी पहले से ही शुरु कर दी गई थी।

एक एक कर इन स्कूलों में ताला लगता गया। पिछले सत्र तक इंग्लिश मीडियम स्कूलों की संख्या घटते घटते 6 रह गई थी। अब नए सत्र में केवल 03 इंग्लिश मीडियम स्कूल बच गए हैं।

तीन इंग्लिश मीडियम स्कूलों में भी लगेगा ताला

बचे तीन इंग्लिश मीडियम स्कूलों- सेक्टर 6, सेक्टर 07 और सेक्टर 09 में भी आगामी वर्षों में ताला लगना तय है। इनमें से इंग्लिश मीडियम स्कूल सेक्टर 06 को आउटसोर्सिंग में लीज में देने की प्रक्रिया में डाल दिया गया है। सेक्टर 07 में केवल दो क्लास बचे हैं। दो वर्ष बाद यहां भी ताला लगना तय है। सेक्टर 09 का भी वही हाल होगा।

दो बड़े स्कूल भी आउटसोर्सिंग में

बीएसपी ने बीएसपी सीनियर सेकंडरी स्कूल सेक्टर 7 और सेक्टर 07 को भी आउटसोर्सिंग में देने के लिए रुचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की है। बाद में इएमएमएस सेक्टर 06 को भी आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया में डाल दिया गया। पता चला है कि इन स्कूलों के लिए करीब 36 संस्थानों ने रुचि दिखाई है। इनमें एक बड़ा औद्योगिक घराना भी शामिल बताया जाता है। आर्मी ने भी एक आर्मी स्कूल खोलने में रुचि दिखाई है। इनके अलावा भिलाई के कुछ बड़े निजी स्कूल भी इच्छुक हैं। देखना यह है कि ये स्कूल किन्हें और कब दिए जाएंगे। बीएसपी ने भिलाई, राजहरा, नंदिनी माइंस, रावघाट माइंस (अंतागढ़) में एक-एक स्कूल डीएवी को आउटसोर्सिंग पर पहले दे दिया है।

इस वजह से भी बंद हो रहे स्कूल

बीएसपी में बीते कुछ वर्षों में नई भर्तियां नहीं के बराबर हो रही है। इसके चलते स्कूलों में बीएसपी कोटे की सीटें नहीं भर पा रही थी। यह स्कूल गैर बीएसपी बच्चों के भरोसे ही चल रहे थे। मैनेजमेंट का मानना है कि बीएसपी स्कूल कम्पनी के कार्मिकों के बच्चों के लिए खोले गए थे, जब कार्मिकों के ही बच्चे स्कूलों में एडमिशन नहीं ले रहे हैं तो इन स्कूलों को चलाने का कोई औचित्य ही नहीं है। इसके चलते स्कूलों की संख्या घटते घटते 65 से 6 रह गई है।

भिलाई निगम में सफाई घोटाले का आरोप, ईओडब्ल्यू जांच की मांग

भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में सफाई ठेके को लेकर करोड़ों के घोटाले की आशंका जताई गई है। वार्ड-38 के पार्षद पीयूष मिश्रा ने आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कर पूर्व सफाई ठेकेदार मैसर्स पी. वी. रमन एजेंसी और निगम अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, पूर्व सफाई ठेकेदार पर कमर्चारियों के ईपीएफ और ईएसआई का भारी बकाया है।

ईएसआई विभाग ने करीब 52 लाख रुपये की रिकवरी शुरू की थी। इसके बावजूद निगम प्रशासन ने एजेंसी को लगभग 23 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ईपीएफओ ने भी निगम को करीब 4 करोड़ रुपये बकाया का नोटिस भेजा है।

सचिव ने दिए जांच के निर्देश

मिश्रा ने बताया कि शिकायत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. संगीता को भी दी गई है। सचिव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।

श्रमिक हितों की अनदेखी : पार्षद पीयूष मिश्रा ने कहा कि यह मामला सिर्फ 23 लाख के भुगतान का नहीं, बल्कि करोड़ों की देनदारियों, श्रमिक हितों की अनदेखी और निगम में जवाबदेही से जुड़ा है। जनता के पैसे की रक्षा के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।

नियमों की अनदेखी : पार्षद पीयूष मिश्रा ने कहा कि जब एजेंसी पर ईएसआई की लाखों की रिकवरी लंबित थी और ईपीएफ का 4 करोड़ बकाया सामने आ चुका है, तब निगम द्वारा भुगतान करना गंभीर संदेह पैदा करता है। यह प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि संगठित वित्तीय अनियमितता लगती है। उन्होंने कहा कि कि पहले भी एजेंसी के भुगतान पर रोक की आपत्तियां दर्ज थीं, फिर भी फाइलों को तेजी से स्वीकृत कर भुगतान कर दिया गया।

निविदा शर्तों के उल्लंघन करने वाले दो ठेकेदार ब्लैकलिस्ट

दुर्ग। महापौर अलका बाघमार एवं आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश पर निविदा शर्तों का पालन नहीं करने और कार्यों के प्रति उदासीनता बरतने वाले दो ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें आगामी एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। निगम प्रशासन द्वारा मेसर्स सिद्धार्थ कन्स्ट्रक्शन तथा ठेकेदार शशांक सिंह बैंस को निगम की सभी निविदाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही उनकी जमा अमानत राशि राजसात करते हुए संबंधित निविदाओं को निरस्त कर दिया गया है।

विभागीय अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अधोसंरचना मद अंतर्गत साइंस कॉलेज के बाजू केनाल रोड निर्माण कार्य हेतु मेसर्स सिद्धार्थ कन्स्ट्रक्शन द्वारा 10.99 प्रतिशत कम दर पर निविदा स्वीकृत कराई गई थी। निविदा स्वीकृति के बाद अंतर की राशि 4.37 लाख रुपये का एफडीआर जमा कर अनुबंध निष्पादित करने के लिए निगम द्वारा कई बार पत्राचार किया गया, किंतु पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद ठेकेदार द्वारा न तो एफडीआर जमा किया गया और न ही अनुबंध निष्पादित करने के लिए उपस्थिति दी गई। इसे निविदा शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए निगम ने 2.20 लाख रुपये की अमानत राशि राजसात कर निविदा निरस्त कर दी तथा फर्म को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया।

ठेकेदार शशांक सिंह बैंस द्वारा वार्ड क्रमांक 22 रेलवे लाइन के पास दुर्गा टेंट हाउस तक रोड निर्माण कार्य तथा वार्ड क्रमांक 60 तालाब के किनारे मेन रोड से मंच तक सीसी रोड निर्माण कार्य के लिए क्रमशः 25.22 प्रतिशत एवं 21 प्रतिशत कम दर पर निविदा प्रस्तुत की गई थी। दोनों कार्यों में नियमानुसार अंतर की राशि का एफडीआर जमा करने हेतु विभाग द्वारा बार- बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर एफडीआर प्रस्तुत नहीं किया गया। निविदा शर्तों के उल्लंघन के चलते वार्ड 22 के कार्य में जमा 17,800 रुपये तथा वार्ड 60 के कार्य में जमा 23,500 रुपये की अमानत राशि राजसात कर ली गई है।

साथ ही दोनों निविदाओं को निरस्त करते हुए ठेकेदार शशांक सिंह बैंस को भी आगामी एक वर्ष तक नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा आमंत्रित सभी निविदाओं में भाग लेने से वंचित कर दिया गया है।

शवों को सुरक्षित रखने फ्रीजर खरीदने का निर्णय

दुर्ग। कलेक्टर एवं अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी की जिला प्रबंध समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पोस्टमार्टम सेंटर (मरच्युरी) में शवों के सुरक्षित रखने के लिए दो बॉडी क्षमता वाले दो मरच्युरी यूनिट स्थापित करने पर सहमति बनी।

इसके साथ ही पोस्टमार्टम सेंटर के लिए एक शव वाहन की व्यवस्था किए जाने का भी निर्णय लिया गया, जिससे जरूरतमंद परिवारों को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके। बैंक, वृद्धाश्रम पुलगांव एवं पोस्टमार्टम सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन विसंगति एवं मानदेय वृद्धि पर भी बैठक में रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित ब्लड चर्चा की गई।

कलेक्टर ने इस संबंध में नियमानुसार गाइडलाइन तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अधिक से अधिक रक्तदान करने वाली संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाए, ताकि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता और सहभागिता बढ़ सके। बैठक में रेडक्रॉस सोसायटी की जनकल्याणकारी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा जरूरतमंदों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में अन्य विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शरद पाटणकर, नोडल रेडक्रॉस डॉ. सीबीएस बंजारे, नोडल अधिकारी ब्लड बैंक जिला चिकित्सालय डॉ. डॉ. मनोज दानी, रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमेन डॉ. जे.पी. मेश्राम, कोषाध्यक्ष प्रमोद बाघ, सदस्य दीपक बंसल, जीवन लाल ताम्रकार, डॉ. आशीषन मिंज, राज आढ़तिया सहित समाज कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

पनियाजोब-रामाटोला में सूखत के आंकड़ों पर उठे सवाल

डोंगरगढ़। डोंगरगढ़ ब्लॉक की धान खरीदी समितियों में सुखत के आंकड़े अब किसानों और जनप्रतिनिधियों के बीच चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। मेढ़ा सोसायटी में सूखत के नाम पर लाखों रुपए की अनियमितता की आशंका को लेकर हुए आंदोलन के बाद अब पनियाजोब और रामाटोला खरीदी केंद्र के आंकड़ों ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025-26 में मेढ़ा धान खरीदी केंद्र में 96 हजार 258 क्विंटल धान खरीदी हुई थी। इसमें करीब 904 क्विंटल धान की कमी सामने आने के बाद किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी । इसके बाद अब ब्लॉक की अन्य समितियों के आंकड़ों की भी चर्चा शुरू हो गई है। किसानों का कहना है कि जब धान उठाव समय पर हुआ और कई का किसानों का धान खरीदी के समय तक पर्याप्त रूप से सूख चुका था, तो इतनी बड़ी मात्रा में सुखत दर्ज होना जांच का विषय है।

रामाटोला धान खरीदी केंद्र में भी सुखत ‘को लेकर चर्चा तेज है। यहां कुल 77 हजार 810.80 क्विंटल धान खरीदी होना बताया गया है, जबकि 77 हजार 422.44 क्विंटल धान का उठाव दर्ज है। इसके बाद करीब 388.36 क्विंटल धान सुखत के रूप में दर्ज है। बताया जा रहा है कि यहां पतला धान के सुखत की मात्रा अधिक है।

पनियाजोब में 385 क्विंटल से अधिक सूखत दर्ज

इस धान खरीदी केंद्र में कुल 60 हजार 82.80 क्विंटल धान खरीदी इस बार दर्ज है। इसमें से 59 हजार 696.08 क्विंटल धान का उठाव बताया गया है। वहीं करीब 385.97 क्विंटल धान सूखत के रूप में दर्ज किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, मोटा धान का सुखत 145.65 क्विंटल और पतला धान का सूखत 146.85 क्विंटल बताया जा रहा है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में बड़े किसानों के टोकन जनवरी के बाद कटना शुरू हुए थे, तब तक कई जगहों पर रखा धान पहले ही सूख चुका था। ऐसे में सूखत की मात्रा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

पूरे ब्लॉक की समितियों की जांच की मांग

मामले को लेकर किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है तो सुखत के इतने बड़े आंकड़े सामने आने की वजह स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने सभी धान खरीदी समितियों के रिकॉर्ड, खरीदी मात्रा, उठाव और सुखत के आंकड़ों का मिलान कर जांच कराने की मांग की है।

इधर प्राधिकृत अधिकारियों का कहना है कि धान खरीदी में सुखत की स्थिति पहले भी सामने आती रही है और यह प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि लगातार सामने आ रहे आंकड़ों के बाद अब प्रशासन की भूमिका पर नजर बनी हुई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सुखत के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं।

पुलिस की सख्ती: एक माह में 107 मामलों पर कार्रवाई

खैरागढ़। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान और तंबाकू सेवन पर रोक लगाने के लिए सीजी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पिछले एक माह में जिले भर में व्यापक कार्रवाई की गई है। पुलिस ने स्कूलों और कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वालों के खिलाफ भी कोटपा अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 107 प्रकरण दर्ज किए हैं।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा – 2003) के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अभियान के दौरान थाना खैरागढ़ क्षेत्र में 67 मामलों में कार्रवाई करते हुए 13,400 रुपये का जुर्माना वसूला गया जबकि थाना छुईखदान क्षेत्र में 40 प्रकरणों में कार्रवाई कर 8,000 रुपये का शुल्क लिया गया है। इस प्रकार जिले में कुल 107 मामलों में कार्रवाई करते हुए 21,400 रुपये की राशि वसूल की गई।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के विरुद्ध आगे भी नियमित जांच और कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे तंबाकू नियंत्रण संबंधी कानूनों का पालन करें तथा स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें।

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