भिलाईनगर। दुर्ग जिले में नशे में गाड़ी चलाई तो अब खैर नहीं क्योंकि कोर्ट से भारी जुर्माने के अलावा जेल जाने की भी सजा मिल सकती है। दुर्ग जिले में पहली बार शराब के नशे में यात्री बस चलाने वाले चालक को अदालत ने जेल की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट दुर्ग ने आरोपी चालक को 15 हजार रुपए के जुर्माने के साथ तीन दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दुर्ग पुलिस ने 7 महीने में 1879 प्रकरणों में चालकों पर कार्रवाई की है।

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डीआईजी व दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती शुरू हो गई है। इसके तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ यातायात पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। जनवरी से जुलाई तक नशे में वाहन चलाने वाले कुल 1879 प्रकरण दर्ज कर 19810500 का सामान शुल्क वसूला है।

बिना हेलमेट 56375 में कार्रवाई कर 17500000 और बिना सीट बेल्ट 4735 प्रकरणों में 2367500 का जुर्माना लगाकर शमन शुल्क वसूला है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना रिपोर्ट के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में नशे में वाहन चलाना भी एक बड़ा कारण है। शहर में ट्रैफिक पुलिस नियमित रूप से नाइट चेकिंग और विशेष अभियान चलाकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

मोटर वाहन अधिनियम 2019 के तहत ड्रिंक एंड ड्राइव में पकड़े जाने पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और जेल तक का प्रावधान है। गौरतलब हो कि यातायात पुलिस ने वर्ष 2024 में शराब पीकर 201 प्रकरण में 2206500, बिना हेलमेट 5574 में 2787000 व बिना सीट बेल्ट 2571 प्रकरणों में 1285500 का समन शुल्क वसूला है। वहीं वर्ष 2025 में शराब पीकर 647 में 6728900, बिना हेलमेट में 7240 प्रकरण में 3620000 व बिना सीट बेल्ट में 4314 प्रकरणों में 2157000 समन शुल्क वसूला गया है।

दहेज लोभी ससुरालियों को मिला 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास

दुर्ग। दहेज लोभी ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित किए जाने से परेशान होकर शादी के सिर्फ 18 माह के भीतर महिला द्वारा फांसी लगाकर जान दे देने वाले मामले में न्यायालय ने आरोपियों को सजा सुनाई है। जिला सत्र न्यायाधीश दुर्ग के विनोद कुजूर की कोर्ट ने पांच आरोपियों को धारा 304 बी के तहत 10-10 वर्ष सश्रम कारावास, एक एक हजार रुपए अर्थदंड, धारा 498 ए के तहत 3-3 वर्ष सश्रम कारावास, एक-एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक द्रोण ताम्रकार ने पैरवी की थी।

द्रोण ताम्रकार ने बताया कि मृतका कंचन राव का ससुराल ताल पट्टी हनुमान मंदिर के पास कैंप एक भिलाई में था। उसका विवाह पी अमित राव उर्फ बंटी के साथ 16 फरवरी 2022 को सामाजिक रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। दहेज में मायके वालों ने अपने स्तर पर सामान दिए थे, लेकिन शादी के बाद कंचन राव का पति पी अमित राव, देवर पी महेश राव, पी तारा राव, पी अश्विन उर्फ लक्की सभी निवासी कैंप एक भिलाई, नम्रता राव उर्फ पूजा निवासी थाना पलासा श्रीकाकुलम शादी के बाद से ही दहेज कम लाने की बात को लेकर कंचन राव के साथ मारपीट व प्रताड़ित करते थे। यह जानकारी उसने अपने मायके वालों को भी दी थी। मायके वालों ने कंचन के ससुराल वालों को समझाने का भी प्रयास किया था, परंतु वे किसी की बात पर ध्यान नहीं देते थे। परेशान होकर 28 अगस्त 2023 को कंचन ने अपने कमरे में दुपट्टे से फांसी का फंदा बनाकर जान दे दी थी।

वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर 7 से 15 अगस्त तक होंगे विभिन्न कार्यक्रम

दुर्ग। वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर संपूर्ण राज्य में चार चरणों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन निर्धारित किया गया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर तृतीय चरण के अंतर्गत 7 से 15 अगस्त तक ( हर घर तिरंगा अभियान के साथ) विभिन्न देशभक्तिपूर्ण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

घड़ी चौक से भी हटा वेलकम गेट का विज्ञापन बोर्ड

भिलाईनगर। भिलाई नगर निगम ने शहर की सुरक्षा को देखते हुए सुपेला अंडर ब्रिज के बाद अब सुपेला घड़ी चौक पर लगे 20 साल पुराने वेलकम गेट के विज्ञापन बोर्ड को भी हटा दिया है। मंगलवार को निगम की टीम ने ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से जेसीबी और डंपर की मदद से भारी-भरकम बोर्ड को गिराया।

कुछ दिन पहले सुपेला अंडर ब्रिज के पास लगा वेलकम गेट का विज्ञापन बोर्ड अचानक नीचे गिर गया था। गनीमत रही कि नीचे से गुजर रहा एक युवक बाल-बाल बच गया, लेकिन एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस घटना से आसपास के व्यापारी और रहवासी दहशत में आ गए थे। लोगों ने शिकायत की कि अगर बोर्ड युवक के ऊपर गिर जाता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती व्यापारियों और स्थानीय लोगों के दबाव पर अगले ही दिन निगम अधिकारियों ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से उस बोर्ड को हटवा दिया था।

घड़ी चौक से भी हटा जर्जर बोर्ड इसी कड़ी में मंगलवार को सुपेला घड़ी चौक पर लगे वेलकम गेट के विज्ञापन बोर्ड को भी हटाया गया। यह बोर्ड करीब 20 वर्षों से लगा था। लगातार बारिश, धूप और अन्य मौसम झेलने के कारण यह जगह-जगह से जंग खाकर जर्जर हो चुका था। कभी भी गिरकर राहगीरों के लिए खतरा बन सकता था। निगम अधिकारियों ने जेसीबी और डंपर की मदद से इसे सुरक्षित तरीके से हटाया।

शहर भर में होगी कार्रवाई : निगम ने निर्देश दिए हैं कि शहर में जहां-जहां भी सड़क किनारे ऐसे क्षतिग्रस्त और जर्जर विज्ञापन बोर्ड लगे हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। उद्देश्य है कि अंडर ब्रिज और घड़ी चौक जैसी घटना दोबारा न हो और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

निर्माणाधीन पानी टंकी में ही दरारें खुर्सीपार में जलापूर्ति योजना लेट

भिलाईनगर। भिलाई जलापूर्ति योजना के विस्तार का काम निर्धारित समय पर पूरा न होने और गुणवत्ता में गड़बड़ी के कारण खुर्सीपार जोन-4, वार्ड 45 के लोग गर्मी में पानी के लिए परेशान हैं। निर्माणाधीन ओवरहेड टंकी में ही बड़े-बड़े दरारें दिखाई दे रही हैं।

स्थानीय लोगों और वार्ड 46 के पार्षद के. जगदीश ने देरी करने वाली एजेंसी का ठेका तत्काल निरस्त करने की मांग की है। निगम द्वारा 2 करोड़ 17 लाख 48 हजार 20 रुपए की लागत से 1500 कि.ली. और 3000 कि.ली. क्षमता वाले 04 ओवर हेड सर्विस जलाशय बनाए जा रहे हैं। काम 4 जुलाई 2024 को शुरू हुआ था और 12 महीने यानी जुलाई 2025 तक पूरा होना था।

एजेंसी मैसर्स मारुति इन्फ्रा, रायपुर को ठेका मिला है। लेकिन एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी काम अधूरा है। खुर्सीपार की टंकी में नीचे बड़े-बड़े दरारें दिख रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भिलाई निगम के इंजीनियरों की मॉनिटरिंग सही नहीं है।

हाल ही में रामनगर मुक्तिधाम स्थित टंकी में भी दरारों में मसाला भरकर लीपा-पोती की गई थी, वैसी ही स्थिति यहां भी है। पानी सप्लाई ठप, लोग परेशान : पार्षद के.. जगदीश के अनुसार टंकी से डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछा दी गई है, लेकिन टेस्टिंग नहीं हुई।

भीषण गर्मी में लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा। पार्षद ने कहा कि कम से कम जिस क्षेत्र में पाइपलाइन बिछ चुकी है वहां तत्काल पानी सप्लाई शुरू करें। पार्षद का आरोप है कि जल कार्य प्रभारी सुनील जैन और जोन-4 के जोन आयुक्त के बीच समन्वय नहीं होने से काम लटक रहा है। वहीं जल कार्य प्रभारी का कहना है कि पानी टंकी का निर्माण हो चुका है, डिस्ट्रीब्यूशन जोन से होना है।

दुर्ग जिले के थानों में जब्त 45 लाख की अवैध शराब पर बुलडोजर चलाकर किया नष्ट

भिलाईनगर। दुर्ग जिले में अपराध नियंत्रण और अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के तहत दुर्ग पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 5480.082 बल्क लीटर अवैध शराब को नष्ट किया। यह शराब विभिन्न थानों पर वर्षों से जब्त पड़ी थी, जिसकी अनुमानित कीमत 45 लाख रुपये बताई जा रही है।

ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि इस कार्रवाई के अंतर्गत कुल 112 प्रकरणों में जब्त 5480.082 बल्क लीटर मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मदिरा, जिसका वर्तमान अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 45 लाख है। उसको विधिवत निस्तारण किया गया।

इस कार्रवाई का उद्देश्य न्यायालयीन आदेशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना, जप्त सामग्री का सुरक्षित निस्तारण करना तथा किसी भी प्रकार से उक्त मदिरा के पुनः अवैध उपयोग अथवा दुरुपयोग की संभावना को पूर्णतः समाप्त करना है ।

बाइक लेन-देन विवाद में युवक की चाकू मारकर हत्या

भिलाईनगर। जामुल थाना अंतर्ग ग्राम नारधा में मंगलवार सुबह मोटरसाइकिल के लेनदेन के विवाद में एक अधेड़ ने युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करतेहुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

जामुल थाना प्रभारी राकेश खुटेश्वर ने बताया कि आज सुबह करीब 10.30 से 11 बजे के बीच ग्राम नारधा के सतनामी पारा में आरोपी अरविंद उर्फ लोचन चतुर्वेदी (52 वर्ष) ने गांव के ही भीषम गायकवाड़ (35 वर्ष) पर पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में चाकू से कई वार किए। घायल भीषम को गंभीर हालत में मुरमुंदा स्थित कर्मा हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भीषम गायकवाड़ ने अरविंद चतुर्वेदी से एक मोटरसाइकिल ली थी। आरोपी काफी समय से बाइक वापस मांग रहा था। बाइक नहीं लौटाने से नाराज होकर उसने आवेश में आकर वारदात को अंजाम दिया। घटना की सबसे पहले सूचना डायल 112 को मिली। सूचना मिलते ही 112 की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को तत्काल हिरासत में ले लिया। बाद में जामुल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

720 ग्राम के नवजात ने जीती जिंदगी की जंग

दुर्ग। कुथरेल ग्राम निवासी पल्लवी और अतुल साहू के यहां छठे माह में जन्मे महज 720 ग्राम वजन के अति समयपूर्व नवजात ने एसएनसीयू दुर्ग में दो माह से अधिक समय तक चले गहन उपचार के बाद जिंदगी की जंग जीत ली। दुर्ग जिला अस्पताल में ही जन्मे इस नवजात को जन्म के समय गंभीर श्वसन संकट था।

उपचार के बाद आज 1.4 किलोग्राम वजन के साथ सफलतापूर्वक डिस्चार्ज किया गया। एसएनसीयू में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. वाई. किरण कुमार ने जन्म के शुरुआती समय में ही फेफड़ों में सर्फेक्टेंट देकर वेंटिलेटर सपोर्ट शुरू किया। उपचार एसएनसीयू नोडल अधिकारी एवं पीडियाट्रिक्स डॉ. आर. के. मल्होत्रा तथा एसएनसीयू प्रभारी डॉ. वाई. किरण कुमार की निगरानी में चला।

शहर के बाजार में पहुंचा फूटू, जमकर हो रही खरीदी

राजनांदगांव। बारिश के मौसम में जंगलों से निकलने वाला फुटू (मशरूम) अब राजनांदगांव के बाजार में पहुंचने लगा है। स्थानीय लोग इसे खरीदने के लिए बाजारों में पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले फुटू की मांग बढ़ गई है।

फिल्टर प्लांट से क्लोरीन के बिना हो रही जलापूर्ति

राजनांदगांव। शहर में गंदे पानी की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले मंगलवार को अचानक शिवनाथ नदी तट स्थित मोहारा जल संयंत्र पहुंचे। यहां जलापूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की जनता पिछले कई दिनों से बिना क्लोरीन वाला पानी पीने को मजबूर हैं, जबकि जल और प्रशासनिक खामियां बनी हुई हैं।

संयंत्र में कई गंभीर तकनीकी नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले को उनकी ही पार्टी के पार्षद एवं जल विभाग के पूर्व सभापति सतीश मसीह ने मोहारा जल संयंत्र की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद संतोष पिल्ले सीधे जल संयंत्र पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि जल संयंत्र में पिछले 10 दिनों से क्लोरीन गैस की आपूर्ति बंद है जिससे शहरवासियों को बिना क्लोरीन वाला पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि क्लोरीन की जगह केवल ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग किया जा रहा है जो पर्याप्त नहीं है। साथ ही फिटकरी की मात्रा भी बेहद कम है और संयंत्र में केवल पांच दिनों का ही फिटकरी का स्टॉक बचा है।

पिल्ले ने कहा कि जल संयंत्र की स्थिति बेहद चिंताजनक है। 18 मोटर पंपों में से 9 पंप बंद पड़े हैं, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दो नए पंप बिना विधिवत टेंडर प्रक्रिया के लगाए गए हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए।

जूनियर डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से अस्पताल में बिगड़ी व्यवस्था

राजनांदगांव। मेडिकल कालेज पेंड्री में पदस्थ सवा सौ इंटर्न डाक्टरों के एक साथ हड़ताल पर जाने से समस्या बढ़ गई है। सहयोगी के रूप में कार्य करने वाले इंटर्न डाक्टरों के जगह मंगलवार को नियमित डाक्टर की मरीजों का बीपी नापते नजर आए, वहीं ओपीडी में मरीज की जांच करने के बाद उन्हें मेडिसिल की पूरी जानकारी देने का अतिरिक्त बोझ व वार्डो में मरीजों की देखरेख के लिए राउंड की जिम्मेदारी नियमित डाक्टरों पर बढ़ गई है।

मंगलवार को मेडिकल कालेज में पर्ची कटाने के बाद मरीजो को इलाज के लिए अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ा। ईएनटी, दंत रोग, हड्डी रोग जैसे विभागों में नियमित डाक्टरों पर भार बढ़ गया है। जबकि मरीजों की जांच के बाद आगे की प्रक्रिया इंटर्न डाक्टर करते है।

मरीजों का वार्डो में देखरेख व राउंड की जिम्मेदारी भी वे संभालते है। मरीजो की जांच के बाद दवाओं के सेवन से लेकर मरीजों से कंसल्टेंट का कार्य वे करते है। लेकिन उनके हड़ताल पर चले जाने से नियमित डाक्टर परेशान हो गए है। मंगलवार से सवा सौ इंटर्न डाक्टरों के का अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गया है। हालांकि, इस दौरान इमरजेंसी सुविधा जारी रही।

अधिकांश शालाओं विद्यार्थियों को अब तक नहीं मिलीं पाठ्य पुस्तकें

राजनांदगांव। राजनांदगांव जिला मुख्यालय से लेकर जिले के कुछ क्षेत्रों में अभी भी शासकीय शालाओं में पुस्तकों का पर्याप्त वितरण नहीं हो पाया है। निजी शालाओं को भी मात्र 70% पुस्तक दी गई है। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए काफी अधिक समय बीत जाने के बाद भी कई विद्यार्थियों को अब तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। पुरानी पुस्तकों से ही अध्ययन अध्यापन का कार्य करना पड़ रहा है। इसके चलते छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को मजबूरी में निजी दुकानों से पुस्तकें खरीदनी पड़ रही हैं। वहां पर भी खाली हाथ लौटना पड़ता है।

शासन द्वारा पाठ्य पुस्तक निगम के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष निशुल्क पाठ्य पुस्तक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है, लेकिन समय पर पुस्तकें नहीं मिलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। राजनांदगांव जिले में 1500 से अधिक स्कूल है संचालित हो रही है। पहले से लेकर दसवीं तक के बच्चों को निशुल्क पुस्तक देने का प्रावधान है।

छुरिया विकासखंड के कुछ क्षेत्रों में पुस्तक वितरण नहीं होने की जानकारी सामने आ रही है। शासकीय शालाओं में बच्चों को भेजने वाले अभिभावक पप्पू यादव, राजेश यादव, किशोर वर्मा पारी कला निवासी का कहना है कि स्कूलों में पर्याप्त किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होने से अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। वहीं विद्यार्थियों को भी बिना पुस्तकों के पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शिक्षा विभाग से मांग की जा रही है कि जल्द से जल्द सभी स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों का वितरण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके। इसी प्रकार से जिले के अन्य क्षेत्रों में भी पुस्तकों की कमी होने के कारण अध्यापन का कार्य प्रभावित हो रहा है।

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