दुर्ग। पुलिस विभाग में प्रशासनिक कारणों के चलते फेर बदल कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत निरीक्षक, उप निरीक्षक और सहायक उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से नवीन पद स्थापना स्थल पर पदस्थ किया गया है।

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जानकारी के मुताबिक, निरीक्षक श्रद्धा पाठक को अंडा थाना प्रभारी बनाया गया है। निरीक्षक श्रद्धा पाठक पूर्व में नियंत्रण कक्ष भिलाई में पदस्थ थी। निरीक्षक महेश ध्रुव को थाना उतई से नियंत्रण कक्ष भिलाई भेजा गया है । उतई थाना के प्रभारी की जिम्मेदारी निरीक्षक अनिल पटेल को सौंपी गई है। वंदिता पनिणकर को पुलिस लाइन दुर्ग से थाना प्रभारी बोरी पदस्थ किया गया है । खगेन्द्र पठारे को जेवरा सिरसा प्रभारी से थाना मोहन नगर भेजा गया है।

सुपेला थाना प्रभारी की जिम्मेदारी पारस ठाकुर को सौंप गई है। उपनिरीक्षक पारस ठाकुर चौकी प्रभारी अंजोरा से थाना सुपेला पदस्थ किए गए हैं। श्रीराम पेंड्रो को उतई थाना भेजा गया है। उप निरीक्षक प्रमोद सिन्हा को थाना उतई से थाना धमधा स्थानांतरित किया गया है। जेवरा सिरसा चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी समित मिश्रा को सौंप गई है।

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उपनिरीक्षक समित मिश्रा थाना कुम्हारी से चौकी प्रभारी जेवरा सिरसा बनाए गए हैं। प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस आदेश के तहत इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए नवीन पद स्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। दुर्ग जिले में हुए इस प्रशासनिक फेर बदल को कानून व्यवस्था और पुलिसिंग को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कस्टमर केयर नंबर सर्च करते ही खाते से रुपए पार

दुर्ग। गैस एजेंसी के ऑनलाइन कस्टमर केयर नंबर सर्च करते ही बुजुर्ग प्रार्थी के मोबाइल से उसके अलग-अलग बैंक खाता से कुल 1,95,000 रुपए की अज्ञात आरोपी ने निकल लिए। प्रार्थी के साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत उसने नेवई थाना में की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस ने बताया कि प्रार्थी किशोर कुमार साहू (65 वर्ष) निवासी मितान गली, अवधपुरी रिसाली ने शिकायत दर्ज करते हुए बताया कि 23 मई को उसे गैस सिलेंडर डिलीवरी नहीं होने पर उसने जयदीप गैस एजेंसी सेक्टर 10 का ऑनलाइन कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। उसमें दिए गए मोबाइल नंबर द्वारा संपर्क करने पर मोबाइल धारक ने उसे व्हाट्सएप नंबर दिया और 10 रुपए पेमेंट करने के लिए बोला। प्रार्थी द्वारा 10 रुपए फोन पे किया। उसके आधे घंटे के बाद ही 23 मई को एसबीआई बैंक के खाता से कुल 97 हजार रुपये, 26 मई को यूको बैंक खाता से 98,000 कुल 1,95,000 रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी करते हु आरोपी ने रकम निकाल लिए। शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मोबाइल हैक कर लाखों रुपए की धोखाधड़ी

दुर्ग। मोबाइल में आए मैसेज को खोलकर देखना प्रार्थी को भारी पड़ गया। अज्ञात मोबाइल धारक ने प्रार्थी के बैंक खाते से 1,99,500 रुपए पार कर दिए । प्रार्थी की शिकायत पर मोहन नगर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 318 (4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है।

पुलिस ने बताया कि प्रार्थी महेंद्र कुमार देशलहरा ठेकेदारी का काम करता है, वह शंकर नगर दुर्ग निवासी है। 22 मई को उसके मोबाइल पर गूगल अपडेट का मैसेज आया हुआ था । उस मैसेज को मोबाइल में खोलकर देखने पर उसका मोबाइल हैक हो गया एवं उसके खाते से 22 मई की सुबह से 23 मई की शाम तक में कुल 1,99,500 रुपए अलग-अलग किस्तों में निकल गए। प्रार्थी के साथ धोखाधड़ी करने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पुलिस अपराध पंजीबद्ध कर जांच में जुटी है।

नाबालिग लड़की को रातभर थाने में बिठाए रखने पर हटाए गए सोमनी टीआई

राजनांदगांव। सोमनी थाना में नाबालिग लड़की को रातभर थाने में बिठाकर प्रताड़ित किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसके बाद नाराज ग्रामीणों ने परिजनों के साथ मिलकर जमकर हमला बोला है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार की शिकायत के बाद सोमनी टीआई अरूण नामदेव को हटा दिया गया है। गलत जांच रिपोर्ट देने के आरोप में एक डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन को भी हटाया गया है। दोनों कर्मचारियों के निलंबन का प्रस्ताव भी राज्य सरकार को भेज दिया गया है।

घटना को लेकर परिजनों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को एक गंभीर शिकायत की गई है, जिसमें उन्होंने कहा है कि सोमनी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्होंने अपनी नाबालिग युवती की जांच कराई। वहां के डॉक्टरों ने यूरिन की जांच कर दो माह की प्रेगनेंसी बताकर पॉजिटिव रिपोर्ट थमाते हुए सोमनी थाना को सूचना दी। तत्पश्चात सोमनी थाना ने शाम 6 बजे फोन करके बुलाया और वहां एक महिला सिपाही ने रिपोर्ट के बारे में जानकारी पूछी। इसके बाद पुलिस गाड़ी लेकर उसके घर आ गई और सबके सामने दुर्व्यवहार कर गालियां देने लगी।

महिला सिपाही ने गांव में युवती का मान सम्मान खराब करते हुए धमकाया और पूरी तरह से बेइज्जत किया। युवती द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद भी पूरी रात थाने में बिठाकर सुबह 5 बजे तक धमकाया गया और अवैध संबंध का आरोप लगाते हुए बार-बार प्रताड़ित किया गया। परिजनों ने पुलिस पर यह भी गंभीर आरोप लगाया कि महिला सिपाही ने बच्ची के गले के पास नाखून से खरोच करते हुए मारपीट भी की और फिर लाकर सखी सेंटर में रख दिया। इसके बाद जिला चिकित्सालय में शाम 5 बजे सोनोग्राफी और चार बार फिर से यूरिन टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट निगेटिव आयी। उस समय भी महिला सिपाही युवती को प्रताड़ित कर रही थी ।

जिला अस्पताल के दो संविदा डाक्टरों ने छोड़ी नौकरी

राजनांदगांव। जिला अस्पताल पहले ही एक्सपर्ट डाक्टर और चतुर्थ श्रेणी के स्टाफ की भारी कमी है। इसी बीच दो संविदा डाक्टरों की सेवा छोड़ने से परेशानी बढ़ गई है। घुमका अस्पताल में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ भूमिका ध्रुव और डांविधि गजभिए ने नौकरी नहीं करने का आवेदन दिया था। दोनों डाक्टर संविदा पर पदस्थ थे। लेकिन इनके चले जाने से डाक्टरों की कमी बनी हुई है।

जिला अस्पताल से प्राप्त जानकारी अनुसार, स्त्री रोग विशेषज्ञ के तीन पद स्वीकृत है, जिसमें सिर्फ एक ही डाक्टर कार्यरत थी। इसी तरह निश्चेतना (आपरेशन से पहले बेहोशी का इंजेक्शन) रोग विशेषज्ञ के तीन पद में एक भी पदस्थ नही है। सर्जरी विशेषज्ञ के दो पदों में एक भी स्पेशलिस्ट नही है। हड्डी रोग के स्वीकृत एक पद में एक भी नही है। पैथालाजिस्ट के दो पदों में एक पद रिक्त है। नाक, कान व गला के एक पद में एक भी डाक्टर नही है। वहीं चर्मरोग के एक पद में भी डाक्टर नही है। वही चिकित्सा अधिकारी के 16 पद में सिर्फ 13 ही कार्यरत है। ये सभी रेग्युलर पद पर है।

स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय भी नहीं : जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स के 81 पदों में सिर्फ 69 पदस्थ है, वहीं बाकी पद रिक्त है। इसी तरह वार्ड ब्वाय के 14 पद में दस कार्यरत है। वार्ड ब्वाय की कमी के कारण मरीजों को स्ट्रेचर वार्ड तक ले जाने की नौबत आती है। इसके आलावा ओटी अटेंडेंट, आया, ड्रेसर, लैब असिस्टेंट, सहायक ग्रेड तीन, ओटी टैक्नीशियन जैसे जरूरी पदों में कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। इस तरह जिला अस्पताल में कुल 203 पदों में सिर्फ 150 कार्यरत है, जबकि 53 पदों में भर्ती नही होने से परेशानी बनी हुई है। जिसमें डाक्टर और कर्मचारी दोनो शामिल है।

लंबे समय से न्यूरो सर्जन नहीं : जिला अस्पताल में सबसे बड़ी विडंबना यह है कि, आपरेशन के पहले मरीजों को बेहोशी का इंजेक्शन देने वाले विशेषज्ञ की कमी बनी हुई हैं। इसके लिए बाहर से डाक्टर आते हैं। जिला अस्पताल में स्कीन के डाक्टर की भी मांग बनी हुई है। इसके आलावा ईएनटी व न्यूरो सर्जन की भी कमी होने से मरीज निजी अस्पताल का रूख करने मजबूर हो रहे है। न्यूरो संबंधी इलाज के लिए निजी अस्पताल या दुर्ग, भिलाई व रायपुर का रूख करने मरीज मजबूर हैं।

एमआईसी की बैठक नहीं होने से अटकी 60 दुकानों की नीलामी

भिलाईनगर। जोन-4 खुर्सीपार स्थित मिनी स्टेडियम की लगभग 60 दुकानों की नीलामी महापौर परिषद की बैठक न होने के कारण अधर में लटक गई है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे को प्रक्रिया इन दुकानों की दोबारा नीलामी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

खुर्सीपार इंडोर स्टेडियम खेल परिसर में 60 दुकानें खाली पड़ी हैं। इनके खाली होने से नगर निगम को संपत्ति का लाभ नहीं मिल रहा। वहीं सैकड़ों युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। निगम इन दुकानों को किराए पर देकर युवाओं को रोजगार देने की तैयारी में है। हाईवे किनारे दुकान, बनेगा चौपाटी केंद्र : नेशनल हाईवे रोड किनारे होने से इन दुकानों से लोगों को रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। पार्किंग की बेहतर व्यवस्था होने से ग्राहकों को परेशानी भी नहीं होगी। ये दुकानें भिलाई निगम का अच्छा-खासा चौपाटी केंद्र बन सकती हैं।

सीएसवीटीयू ने फार्मेसी कॉलेजों के फैकल्टी चयन को दी मंजूरी

भिलाईनगर। तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने प्रदेश के विभिन्न फार्मेसी कॉलेजों में चयनित फैकल्टी सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार गठित चयन समितियों की अनुशंसा पर यह स्वीकृति दी गई है। इससे प्रदेश के निजी फार्मेसी संस्थानों में शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

विश्वविद्यालय के अनुसार, हाल ही में आयोजित इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद चयनित अभ्यर्थियों को लेक्चरर सहित विभिन्न पदों पर नियुक्ति की अनुमति प्रदान की गई है। जशपुर जिले समेत अन्य फार्मेसी कॉलेजों में चयनित उम्मीद्वारों के नामों को विश्वविद्यालय द्वारा अनुमोदित किया गया है। सीएसवीटीयू ने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति की वैधता संबंधित उम्मीद्वारों की जॉइनिंग तिथि से प्रभावी होगी।

संस्थानों को अभ्यर्थियों के जॉइनिंग लेटर की प्रति विश्वविद्यालय को भेजनी होगी ताकि उन्हें विश्वविद्यालय की वरिष्ठता सूची में शामिल किया जा सके। यदि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि या गलत जानकारी सामने आती है, तो अनुमोदन पत्र निरस्त किया जा सकता है। साथ ही यदि चयनित अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर जॉइनिंग नहीं दी जाती है, तो वे सीधे विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के इस फैसले से प्रदेश के फार्मेसी कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों को अनुभवी फैकल्टी का लाभ मिल सकेगा।

जिला अस्पताल की मर्च्यूरी का फ्रीजर महीनों से बंद

दुर्ग। जिला अस्पताल दुर्ग के अधीन मर्च्यूरी में महीनों से बंद 1 फ्रीजर कैबिनेट को लेकर जिला कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। इस फ्रीजर कैबिनेट को यथा शीघ्र चालू किए जाने की मांग की गई है। दरअसल मर्च्यूरी में 2 फ्रीजर कैबिनेट है। प्रत्येक कैबिनेट में 4-4 डेडबाडी रखने की क्षमता है। एक कैबिनेट के बंद होने से अब केवल 4 शव ही रखे जा सकते हैं।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचकर इस गंभीर समस्या को निराकरण करते हुए जल्द ही नया फ्रीजर कैबिनेट लगाने की मांग की है और उन्होंने जिला अस्पताल प्रबंधन को 15 दिन का अल्टीमेट टाइम दिया है कि अगर तय तिथि में उसका निराकरण नहीं हुआ, तो कांग्रेस जिला अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेगी।

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