दुर्ग। मिड डे मील संचालन करने वाली एजेंसी अक्षय पात्र फाउंडेशन के ड्राइवरों के अचानक हड़ताल में चले जाने कई स्कूलों के बच्चों को शुक्रवार को मध्यान्ह भोजन नहीं मील पाया। ज्यादातर सुबह की पाली में संचालित स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था चरमरा गई। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कुछ स्कूलों में बिस्कुट के पैकेट भेजे गए।

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जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा को जैसे ही इसकी जानकारी मिली। उन्होंने सहायक संचालक ज्ञान सिंह राजपूत को मौके पर भेजा। उन्हें मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था सुचारू से संचालित किए जाने के निर्देश दिए। सहायक संचालक ज्ञान सिंह राजपूत ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सेकंड पाली में संचालित स्कूलों में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन भिजवाया। इस दौरान एबीईओ रश्मि ठाकुर भी स्थिति का जायजा लेने वहां पहुंची हुई थी।

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जानकारी के मुताबिक अक्षय पात्र के ड्राइवर व हेल्पर वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। दुर्ग जिले के कुल 1015 प्राथमिक तथा पूर्व माध्यमिक शालाओं में मध्यान्ह भोजन संचालित है। इनमें से 824 स्कूलों में महिला समूह द्वारा मध्यान्ह भोजन बनाया जाता है। वहीं 191 स्कूलों में अक्षय पात्र मिड डे मील का संचालन करता है। इसमें भिलाई के ज्यादातर स्कूल है। दुर्ग ब्लॉक के 132 स्कूलों में अक्षय पात्र द्वारा भोजन सप्लाई की जाती है ।

इसी तरह धमधा ब्लॉक के 17 तथा पाटन ब्लॉक में 42 स्कूलों में अक्षय पात्र मिड डे मील का संचालन करता है। समस्या अक्षय पात्र द्वारा बनाए गए भोजन को स्कूलों तक पहुंचाने की थी । करीब 11 वाहनों के माध्यम से मध्यान्ह भोजन को स्कूलों तक पहुंचाया जाता है। इन्हीं वाहनों के ड्राइवर हड़ताल पर है। मामले की जानकारी देने अक्षय पात्र के प्रबंधक कलेक्ट्रेट भी पहुंचे हुए थे।

1.60 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग। बीमा पॉलिसी रिफंड के नाम पर 1.60 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी गण बीमा लोकपाल बनकर बीमा पॉलिसी की राशि रिफंड कराने का झांसा देते हुए पीड़ित से लगभग 1 करोड़ 60 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी किए थे। विवेचना के दौरान साइबर टीम ने बैंक खाता धारकों एवं नेटवर्क से जुड़े आरोपियों की पहचान कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करते हुए विधिवत उन्हें गिरफ्तार कर दुर्ग लाया है।

रेंज साइबर थाना दुर्ग में प्रार्थी की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धारा 318 (2), 318 (4) 336 (3) एवं धारा 66 डी आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया था। आरोपियों ने स्वयं को बीमा लोकपाल का अधिकारी बताकर बीमा पॉलिसी की राशि रिफंड करने का झांसा दिया था। आरोपियों ने पीड़ित से विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करा कर कुल 1.60 करोड रुपए की साइबर ठगी की थी।

विवेचना के दौरान पूर्व में एक बैंक खाता धारक को गिरफ्तार किया गया था। तकनीकी साक्ष्य एवं बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर विशेष टीम दिल्ली रवाना की गई थी। टीम द्वारा आरोपी मनमीत सिंह निवासी तिलक विहार तिलक नगर नई दिल्ली, अमनदीप सिंह मूलनिवासी श्री गंगानगर राजस्थान वर्तमान निवासी चंदर विहार निलोठी दिल्ली एवं इशांत माहे उर्फ ईशु निवासी चंदर विहार निलोठी दिल्ली को चिन्हित कर पूछताछ में लिया था।

पूछताछ में आरोपियों ने पैसों के लालच में बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगी के उपयोग में उपलब्ध कराना स्वीकार किया। जांच में यह भी सामने आया है कि इन बैंक खातों का उपयोग एक विदेशी नाइजीरियन साइबर ठगी नेटवर्क द्वारा किया जा रहा था।

आरोपियों को 1 जुलाई को दिल्ली से विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय तीस हजारी दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया तथा रेंज साइबर थाना दुर्ग लाया गया। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक विवेचना जारी है। टीम की रही सराहनीय भूमिका : आरोपियों को गिरफ्तार कर साइबर थाना दुर्ग लाने में रेंज साइबर थाना दुर्ग के उप पुलिस अधीक्षक डॉक्टर चित्रा वर्मा, निरीक्षक पुष्पेंद्र भट्ट, सहायक उप निरीक्षक यशवंत श्रीवास्तव, आरक्षक सुरेंद्र कटारे, आवेश खान, कामेश्वर देशमुख एवं विक्रम सिंह राजपूत की उल्लेखनीय भूमिका रही ।

अन्य राज्यों में भी ठगी कर चुके हैं आरोपी : अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुखनंदन राठौर ने बताया कि जांच में आरोपियों के खातों में करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेन देन पाए गए हैं। तथा विभिन्न राज्यों में उनके विरूद्ध साइबर ठगी संबंधी शिकायत दर्ज होना भी पाया गया है। आरोपियों के पास से छह बैंक पासबुक, चार चेक बुक, तीन मोबाइल फोन एवं विभिन्न सिम कार्ड जब्त किए गए हैं जिनका उपयोग साइबर ठगी में आरोपियों द्वारा किया जा रहा था। मामले में आगे जांच की जा रही है।

मरौदा डेम में 24 दिन के लायक पानी शेष

दुर्ग। मरौदा डेम में इस समय भिलाई टाउनशिप, बीएसपी व एनएसपीसीएल के लिए 24 दिन के लायक ही पानी शेष है। ऐसे में तांदुला से मरौदा डेम को भरने पानी छोड़ा गया है। पूरे जून का महीना गुजर जाने के बावजूद एक भी दिन झड़ी जैसी स्थिति नहीं बनी है इससे छोटे जलाशयों की स्थिति खस्ताहाल है।

मरौदा डेम में वर्तमान में मात्र 34 प्रतिशत जल भराव है इसी प्रकार खपरी जलाशय में 36 प्रतिशत जल भराव है। जबकि पिछले साल आज स्थिति में यहां 63.74 प्रतिशत जल भराव था। वहीं मटिया मोती में 3.78 एमसीएम पानी जो कुल क्षमता का मात्र 14 प्रतिशत है जबकि गत वर्ष यहां 4.05 एमसीएम जल भराव था । पिछले वर्ष लंबे समय तक अच्छी वर्ष हुई थी, इसकी वजह से बड़े जलाशयों की स्थिति थोड़ी बेहतर है। तांदुला जलाशय में वर्तमान में 43.51 प्रतिशत जल भराव है। इसके कैचमेंट एरिया में अब तक 199 मिमी वर्षा हो चुकी है। वहीं खरखरा में इस समय 29.47 प्रतिशत जल भराव है।

अवैध प्रीकास्ट बाउंड्रीवाल पर चलाया बुलडोजर, हटाए 4 अवैध कब्जे

भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई ने अवैध अतिक्रमण और कब्जों के खिलाफ एक बार फिर सख्त कारवाई करते हुए नेहरू नगर क्षेत्र में चार अलग- अलग अवैध प्रीकास्ट बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर दिया। निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने जेसीबी की मदद से कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाया।

वार्ड प्रभारी की जांच रिपोर्ट में शिकायत सही पाए जाने के बाद निगम प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया। राजस्व विभाग, बेदखली दस्ता और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन से चारों अवैध प्रीकास्ट बाउंड्रीवाल को हटाकर कब्जा मुक्त कराया।

रूंगटा बनी देश की सबसे युवा ‘ए’ ग्रेड यूनिवर्सिटी

भिलाईनगर। रूंगटा यूनिवर्सिटी देश की सबसे युवा (यंगेस्ट ) यूनिवर्सिटी बन गई है, जिसे राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) ने ह्यण ग्रेड प्रदान किया है । नैक ने यूनिवर्सिटी को 3.23 सीजीपीए के साथ ह्यण ग्रेड दिया है। इसके साथ ही रूंगटा यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ के उन चुनिंदा उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल हो गई है, जिन्हें शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए यह प्रतिष्ठित मान्यता मिली है। नैक की ग्रेडिंग मिलने के बाद यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की डिग्री की विश्वसनीयता और स्वीकार्यता देश-विदेश और मजबूत होगी।

कुलाधिपति संतोष रूंगटा और कुलपति डॉ. जवाहर सूरीशेट्टी ने कहा कि संस्थान ने शुरुआत से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, नवाचार और विद्याथियों के समग्र विकास को प्राथमिकता दी, जिसका परिणाम आज पूरे देश के सामने है। यूनिवर्सिटी के सीईओ सोनल रूंगटा ने कहा कि संस्थान में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रायोगिक प्रशिक्षण और कौशल आधारित शिक्षा भी दी जा रही है।

कुलसचिव डॉ. एजाजुद्दीन ने बताया कि यूनिवर्सिटी को अब तक भारत सरकार की विभिन्न शैक्षणिक और औद्योगिक संस्थाओं से 13 करोड़ रुपये से अधिक की शोध अनुदान राशि मिल चुकी है। इसमें एमएसएमई, एआईसीटीई, डीएसटी, एसईआरबी, नाबार्ड, आईपीएफसी और पीसीआई जैसी संस्थाएं शामिल हैं।

इसके साथ ही रूंगटा यूनिवर्सिटी के नाम 112 से अधिक पेटेंट दर्ज हैं, और बड़ी संख्या में शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। विभिन्न इंजीनियरिंग संकायों को एनबीए की मान्यता भी प्राप्त है, जिसने यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक गुणवत्ता को और मजबूत बनाया है।

इन खूबियों के आधार पर मिला ए ग्रेड रूंगटा यूनिवर्सिटी विभिन्न मापदंडों पर खरी उतरी। इसमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था, शोध और नवाचार, आधुनिक प्रयोगशालाएं, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, विद्यार्थियों को मिलने वाली शैक्षणिक सुविधाएं, स्टूडेंट सपोर्ट सिस्टम और संस्थान की बेस्ट प्रैक्टिसेज प्रमुख रहीं । इसके अलावा स्किल आधारित शिक्षा, फैकल्टी के शोध कार्य, पेटेंट, उद्योगों से जुड़ाव, प्लेसमेंट, सामुदायिक गतिविधियां और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी महत्व दिया गया।

इस साल अब तक हुई मात्र 40% बोनी

राजनांदगांव। जिले में मानसून की सक्रियता तो बढ़ गई है। लेकिन अपेक्षा के मुताबिक जून महीने में काफी कम बारिश होने के कारण किसानों की चिंता काफी बढ़ी हुई है। कृषि विभाग के आधिकारिक सूत्रों की माने तो अब तक 40% बोनी हो चुकी है। गत वर्ष की अपेक्षा खरीफ फसल की बोनी का कार्य अभी भी प्रभावित हो रहा है। बीती रात से हो रही रिमझिम बारिश के कारण किसानों को राहत भी मिल रही है।

गत वर्ष अच्छी बारिश होने से अब तक 70% प्रतिशत बोनी हो चुकी थी। जानकारी के मुताबिक राजनांदगांव जिले में अब तक पूर्व वर्षों से काफी कम बारिश दर्ज हुई है। जून के महीने के बाद अब जुलाई के महीने में भी मानसून की सक्रियता बढ़ गई है। लेकिन अपेक्षा के मुताबिक बारिश नहीं होने से किसान कुछ चिंतित भी है। फिर भी खेती किसानी का कार्य चल रहा है ।

बीती रात से हो रही बारिश के बाद से किसान कुछ राहत महसूस कर रहे हैं। लेकिन तेज बारिश नहीं होने से अभी भी चिंता की लकीरें खींची हुई है। दलहन तिलहन के साथ- साथ कपास, गन्ना और साग सब्जी के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उसी के आधार पर बोनी कराने की तैयारी की गई है। लेकिन बारिश कम होने से किसान भी चिंतित नजर आ रहे है।

कृषि विभाग के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राजनांदगांव में 40% धान की बोनी हो चुकी है। इसी प्रकार से दलहन के अंतर्गत अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी की बोनी भी 2477 हेक्टेयर क्षेत्रफल में करने का लक्ष्य रखा गया है। तिलहन के अंतर्गत मूंगफली, तिल, सोयाबीन सूर्यमुखी, रामतिल आदि की बोनी कराई जा है जिसका लक्ष्य भी 4402 हेक्टेयर क्षेत्रफल बताया है। अन्य फसलों के अंतर्गत कपास जा रहा गाना, साग-सब्जी के साथ अन्य फसले भी बोई जाती है, जिसका लक्ष्य भी 4 462.405 हेक्टेयर क्षेत्रफल निर्धारित कर दिया गया है।

कृषि विभाग के उपसंचालक टीकम सिंह ठाकुर का कहना है कि अभी तक अपेक्षा से काफी कम बारिश हुई है जिससे कुछ चिंताएं है। लेकिन अब जिले भर में खरीफ फसल की बोनी का कार्य शुरू कर दिया गया है। 40% बोनी का कार्य कर लिया गया है।

पांच माह से वेतन नहीं मिलने पर निगम प्लेसमेंट के कर्मचारी हड़ताल पर

राजनांदगांव। नगर निगम में लंबे समय से बिजली सहित अन्य विभागों में काम करने वाले प्लेसमेंट के कर्मचारियों को 5 माह से वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे नाराज कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू का कर दी है। प्लेसमेंट कर्मचारियों हड़ताल में चले जाने से बिजली सुधार से लेकर अन्य विभागों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। तीन दिनों से प्लेसमेंट के कर्मचारी हड़ताल में बैठे हुए हैं।

ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिला मुख्यालय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नगर निगम के सभी 51 वार्डों में बिजली व्यवस्थापन से लेकर फिल्टर प्लांट का संचालन और अन्य कार्यों को पूरी तरह से संचालित कराने के लिए नगर निगम द्वारा प्लेसमेंट में कर्मचारियों की नियुक्तियां कराई गई है। ठेकेदारों के अधीन ये सभी प्लेसमेंट कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

लेकिन इन प्लेसमेंट कर्मचारियों को 5 माह से वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है जिससे नाराज प्लेसमेंट कर्मचारियों ने वेतन भुगतान के मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। तीन दिनों से प्लेसमेंट के कर्मचारियों द्वारा हड़ताल की जा रही है। प्लेसमेंट के कर्मचारियों का हड़ताल में शामिल हो जाने से विद्युत व्यवस्थापन से लेकर फिल्टर प्लांट का संचालन सहित अन्य विभागीय कार्यों पर भी असर पड़ने लगा है।

23 से अधिक कर्मचारी आंदोलन में बैठे

आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नगर निगम में बिजली सहित अन्य विभागों में प्लेसमेंट के तहत काम करने वाले 23 से अधिक कर्मचारी आंदोलन में शामिल हो गए हैं। तीन दिनों से प्लेसमेंट की कर्मचारियों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है जिसके कारण बिजली व्यवस्थापन से लेकर अन्य कार्यों पर विराम लग गया है। वेतन नहीं होने से कर्मचारी कर रहे आंदोलन – मेश्राम नगर निगम बिजली विभाग के प्रभारी प्रणव मेश्राम का कहना है कि ठेकेदार द्वारा वेतन का भुगतान नहीं करने के कारण प्लेसमेंट कर्मचारियों आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों को समझाइश दी जा रही है।

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