दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026-27 को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार डूसू चुनाव 18 सितंबर 2026 को आयोजित किए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से नामांकन प्रक्रिया को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी नामांकन पत्र में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए कई शर्तें निर्धारित की गई हैं। अध्यक्ष समेत डूसू के सभी पदों के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित प्रारूप में ही नामांकन दाखिल करना होगा।
नामांकन पत्र में उम्मीदवार को यह घोषणा करनी होगी कि उसने पिछले शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 75 फीसदी उपस्थिति पूरी की है। यानी निर्धारित उपस्थिति मानदंड पूरा नहीं करने वाले छात्र चुनाव लड़ने के लिए पात्र नहीं होंगे। उम्मीदवार के ऊपर कोई अकादमिक बकाया या लंबित पेपर नहीं होना चाहिए। नामांकन के दौरान प्रत्याशी को इस संबंध में भी निर्धारित घोषणा करनी होगी। नामांकन की शर्तों के मुताबिक, उम्मीदवार को किसी परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल का दोषी नहीं पाया गया होना चाहिए। यदि किसी छात्र को परीक्षा में नकल या अन्य अनुचित साधन अपनाने के मामले में दोषी ठहराया गया है, तो वह निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करेगा।
गंभीर कदाचार पर भी नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
उम्मीदवार को विश्वविद्यालय या कॉलेज की ओर से ऐसे किसी कृत्य के लिए दंडित नहीं किया गया होना चाहिए, जिससे किसी व्यक्ति के जीवन या संपत्ति को खतरा पैदा हुआ हो। इन शर्तों के जरिए चुनाव प्रक्रिया में ऐसे छात्रों की पात्रता सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है, जिनका अकादमिक रिकॉर्ड और विश्वविद्यालय में आचरण निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव समेत डूसू के सभी पदों के लिए निर्धारित प्रारूप में ही नामांकन पत्र जमा करना होगा। किसी अन्य प्रारूप में दाखिल किया गया नामांकन अमान्य माना जाएगा।
75 फीसदी उपस्थिति और कोई लंबित पेपर नहीं
नामांकन पत्र में उम्मीदवार को घोषणा करनी होगी कि उसने पिछले वर्ष में कम से कम 75 फीसदी उपस्थिति पूरी की है। इसके अलावा उम्मीदवार के ऊपर कोई अकादमिक बकाया या लंबित पेपर नहीं होना चाहिए। उम्मीदवार को किसी परीक्षा में अनुचित साधन के इस्तेमाल का दोषी नहीं पाया गया होना चाहिए। साथ ही, विश्वविद्यालय या कॉलेज की ओर से उसे ऐसे किसी कृत्य के लिए दंडित नहीं किया गया होना चाहिए, जिससे किसी व्यक्ति के जीवन या संपत्ति को खतरा पैदा हुआ हो। नामांकन पत्र के साथ उम्मीदवारों को डूसू संविधान, चुनाव आचार संहिता और छात्रसंघ चुनावों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित लिंगदोह समिति की सिफारिशों का पालन करने का शपथपत्र भी देना होगा। इस शपथपत्र के जरिए प्रत्याशी को चुनाव प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों और आचार संहिता का पालन करने की प्रतिबद्धता जतानी होगी।
500 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी जरूरी
नामांकन के साथ उम्मीदवार को राष्ट्रीयकृत बैंक से 500 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी जमा करना होगा। यह डिमांड ड्राफ्ट कोषाध्यक्ष, डीयू छात्रसंघ के नाम पर होना चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवार को 100 रुपये के गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर जमानत बॉन्ड भी जमा करना होगा। नामांकन पत्र में प्रत्याशी को यह घोषणा भी करनी होगी कि उसने पहले डूसू के किसी पदाधिकारी पद के लिए चुनाव नहीं लड़ा है और मौजूदा चुनाव में भी वह एक से अधिक पदाधिकारी पद के लिए उम्मीदवार नहीं है। यानी एक प्रत्याशी डूसू के एक ही पदाधिकारी पद के लिए चुनाव लड़ सकेगा।
पढ़ाई की अवधि को लेकर भी तय है सीमा
उम्मीदवार को यह भी घोषित करना होगा कि उसने 10+2 परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले वर्ष की 1 जुलाई से लेकर चुनाव से ठीक पहले 30 जून तक सात वर्ष से अधिक की अवधि पूरी नहीं की है। यह शर्त उम्मीदवार की शैक्षणिक अवधि से जुड़ी पात्रता को निर्धारित करती है और नामांकन के दौरान इसका सत्यापन किया जा सकता है। प्रत्याशियों को नामांकन पत्र के साथ डूसू संविधान, चुनाव आचार संहिता और छात्रसंघ चुनावों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित लिंगदोह समिति की सिफारिशों का पालन करने का शपथपत्र देना होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रारूप और सभी जरूरी दस्तावेजों के बिना दाखिल नामांकन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अब ‘प्रेरणा भवन’ से चलेगा डूसू का कामकाज
डूसू का नॉर्थ कैंपस स्थित पुराना कार्यालय अब नहीं रहेगा। पुराने कार्यालय को ध्वस्त कर दिया गया है। इसके बाद नवनिर्वाचित डूसू पदाधिकारी सामाजिक विज्ञान संकाय परिसर में बने ‘प्रेरणा भवन’ से अपना कामकाज संचालित करेंगे। रामजस कॉलेज के सामने स्थित प्रेरणा भवन का उद्घाटन डीयू के कुलपति योगेश सिंह ने 25 मार्च को किया था। इससे पहले डूसू का कार्यालय पोर्टा केबिन में संचालित होता था।
प्रेरणा भवन में क्या-क्या सुविधाएं हैं?
प्रेरणा भवन को कई सुविधाओं से लैस किया गया है। इसकी अलग-अलग मंजिलों पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं।
भूतल: कैफेटेरिया और दुकान
भूमिगत तल: जिम और खेल क्षेत्र
पहली मंजिल: 120 लोगों की क्षमता वाला सभागार
दूसरी मंजिल: डूसू पदाधिकारियों के कार्यालय
तीसरी मंजिल: पुस्तकालय और अध्ययन कक्ष
इस तरह आगामी चुनाव के बाद डूसू के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का कामकाज नए कार्यालय से संचालित होगा।
ABVP के 13 संभावित उम्मीदवार
ABVP की ओर से घोषित संभावित प्रत्याशियों में आलोक अत्री, आयुषी शर्मा, ईशु मौर्य, कृष्ण यादव, लक्ष्य राज सिंह, नितिन तंवर, प्रियांशु महामना, रिया छावड़ी, रिया मलिक, सनी डेढ़ा, तान्या मावी, वरुण यादव और यश डबास शामिल हैं। हालांकि, ये फिलहाल संभावित उम्मीदवार हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और अंतिम सूची जारी होने के बाद चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों की तस्वीर स्पष्ट होगी।
47 कॉलेजों और पांच विभागों में करेंगे संपर्क
ABVP के घोषित संभावित प्रत्याशी मंगलवार से डीयू के 47 कॉलेजों और पांच विभागों में छात्रों से संपर्क अभियान शुरू करेंगे। इस दौरान वे छात्र-छात्राओं से संवाद कर अपनी प्राथमिकताओं और चुनावी मुद्दों को सामने रखेंगे। डूसू चुनाव को लेकर अन्य छात्र संगठनों की गतिविधियां भी आने वाले दिनों में तेज होने की संभावना है।
10 सितंबर तक नामांकन
डूसू चुनाव के लिए नामांकन पत्र 10 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक जमा किए जा सकेंगे। नामांकन वापस लेने की अंतिम समय सीमा 11 सितंबर को दोपहर 12 बजे है। प्रत्याशियों को निर्धारित प्रारूप में ही नामांकन दाखिल करना होगा। साथ ही 75 फीसदी उपस्थिति, अकादमिक बकाया नहीं होने और अन्य निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के लिए 18 सितंबर 2026 को मतदान कराया जाएगा, जबकि 19 सितंबर को मतगणना होगी। चुनाव परिणाम के साथ ही डूसू के नए पदाधिकारियों का चयन हो जाएगा।
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