सोहराब आलम/​मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था को सुधारने और आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कार्यशैली में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई और उन्हें अविलंब जवाब देने का निर्देश दिया।

​समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं का ऑडिट

​डीएचएस स्थित आरोग्य सदन में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख योजनाओं, पोलियो उन्मूलन अभियान और नियमित टीकाकरण की जमीनी हकीकत की बारीकी से समीक्षा की। बैठक के दौरान योजनाओं की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​पकड़ीदयाल और ढाका के अधिकारियों पर कार्रवाई

​जिलाधिकारी का कड़ा एक्शन तब देखने को मिला जब उन्होंने पकड़ीदयाल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की बैठक में अनुपस्थिति को अत्यंत गंभीरता से लिया। जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि वे उक्त अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगें। इसके साथ ही, ढाका प्रखंड में नियमित टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करने में विफलता पर संबंधित अधिकारी को भी नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। टीकाकरण की कम उपलब्धि पर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसमें सुधार के निर्देश दिए।

​सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण

​बैठक के पश्चात जिलाधिकारी ने सीधे सदर अस्पताल का रुख किया। वहां उन्होंने आईसीयू (ICU) और पीकू (PICU) वार्ड की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, जैव चिकित्सा कचरे के सुरक्षित निष्पादन और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की गहन जांच की गई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि वार्डों में मरीजों को हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए और परिसर को स्वच्छ रखा जाए।

​प्रशासन की प्राथमिकता: जन-जन तक पहुंचे लाभ

​जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में कहा कि स्वास्थ्य विभाग सरकार की प्राथमिकता सूची में है। पोलियो उन्मूलन अभियान और टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही का अर्थ है आम नागरिकों के जीवन से खिलवाड़। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक स्वास्थ्य योजना का लाभ जिले के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक अनिवार्य रूप से पहुंचना चाहिए। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि यदि सुधार नहीं हुआ, तो भविष्य में और भी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।