भुवनेश्वर. रविवार को विजिलेंस टीम ने नयागढ़ के भापुर ग्रामीण कार्य अनुभाग में तैनात एक जूनियर इंजीनियर और उसके सहयोगी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. आरोप है कि वे एक ठेकेदार से बिल पास करने और उसकी सिक्योरिटी जमा राशि वापस करने के बदले 1.36 लाख रुपये की रिश्वत ले रहे थे.

आरोपियों की पहचान जूनियर इंजीनियर केशव सुबुधि और उसके सहयोगी आशुतोष बलियारसिंह के रूप में हुई है. ठेकेदार से शिकायत मिलने के बाद, भ्रष्टाचार

विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि ठेकेदार 2021-2022 के दौरान ‘मुख्यमंत्री सड़क योजना’ (MMSY) के तहत खंडापाड़ा क्षेत्र में एक सड़क के निर्माण और रखरखाव के कार्यों में शामिल था.

राज्य सरकार के नियमों के अनुसार, रखरखाव की अवधि पूरी होने के बाद ठेकेदार को उसकी प्रारंभिक सिक्योरिटी जमा राशि (ISD) और सिक्योरिटी जमा राशि वापस कर दी जाती है. हालाँकि, यदि ठेकेदार द्वारा किए गए रखरखाव कार्य का माप संबंधित अधिकारियों द्वारा नहीं लिया जाता है, तो ठेकेदार की ISD और सिक्योरिटी जमा राशि जब्त कर ली जाती है.

एजेंसी के अधिकारियों ने खंडापाड़ा स्थित सुबुधि के सरकारी आवास पर छापा मारा, दोनों को गिरफ्तार किया और उनके पास से रिश्वत की रकम जब्त कर ली.

शिकायतकर्ता पिछले तीन-चार महीनों से जूनियर इंजीनियर से अपनी सिक्योरिटी जमा राशि जारी करने का अनुरोध कर रहा था, लेकिन आरोप है कि इंजीनियर ने इसके लिए रिश्वत की मांग की.

सुबुधि को गिरफ्तार करने के बाद, विजिलेंस टीम ने उसी दिन उसके दफ्तर, खंडापाड़ा स्थित सरकारी आवास और भुवनेश्वर के हंसपाल इलाके में स्थित उसके फ्लैट पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया. उसके सरकारी आवास से 2,000 रुपये के मूल्यवर्ग वाले लगभग 17 नोट जब्त किए गए.

सुबुधि फरवरी 2014 में नबरंगपुर ग्रामीण कार्य प्रभाग-II में एक जूनियर इंजीनियर (संविदा पर) के रूप में सेवा में शामिल हुआ था, उस समय उसका प्रारंभिक मासिक वेतन 9,300 रुपये था.

सितंबर 2020 में उसका तबादला कर उसे नयागढ़ के ग्रामीण कार्य प्रभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात किया गया था, और तब से वह वहीं कार्यरत है. अक्टूबर 2022 में उन्हें रेगुलर कर दिया गया.