कुंदन कुमार/पटना। बिहार की राजधानी पटना में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में भवन निर्माण विभाग, अंचल-1 (पटना) के अधीक्षक अभियंता पवन कुमार के खिलाफ EOU का शिकंजा कस गया है। इस कार्रवाई के तहत पटना से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक कुल 6 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
6 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
EOU की टीमों ने सुनियोजित तरीके से सुबह से ही पवन कुमार के विभिन्न परिसरों को खंगालना शुरू कर दिया। पटना में श्री कृष्णापुरी स्थित यमुना अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 305/B में तलाशी ली जा रही है। बताया जा रहा है कि यह 3BHK फ्लैट है जहां पवन कुमार लंबे समय से सपरिवार रह रहे हैं। इसके अतिरिक्त, पटना स्थित उनके कार्यालय और भागलपुर के तिलकामांझी स्थित आनंदगढ़ कॉलोनी के आवास पर भी EOU की दूसरी टीम जांच कर रही है।
दिल्ली-NCR में भी खंगाले जा रहे ठिकाने
इस छापेमारी का दायरा पटना से बाहर निकलकर दिल्ली-एनसीआर तक फैला है। EOU की अलग-अलग टीमें दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित फ्लैट और नोएडा के सेक्टर-75 स्थित फ्लैट समेत कुल तीन स्थानों पर दस्तावेजों की सघन जांच कर रही हैं। जांच का मुख्य उद्देश्य अधीक्षक अभियंता द्वारा अर्जित की गई संपत्ति के आधिकारिक स्रोतों का पता लगाना है।
3.89 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का शक
प्राथमिक जांच में आर्थिक अपराध इकाई को पवन कुमार के पास आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, अभी तक लगभग 3 करोड़ 89 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति का खुलासा होने की बात सामने आई है। टीम द्वारा बैंक लेन-देन, बीमा पॉलिसियों, रियल एस्टेट में किए गए निवेश और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को बारीकी से खंगाला जा रहा है।
जांच का अगला चरण
वर्तमान में अधीक्षक अभियंता पवन कुमार भवन निर्माण विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। EOU के अधिकारी बरामद किए गए रिकॉर्ड्स का मिलान कर रहे हैं ताकि यह तय किया जा सके कि निवेश और संपत्तियों का ब्यौरा वास्तविक आय से कितना मेल खाता है। अधिकारियों का कहना है कि यह छापेमारी अभी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही आय से अधिक संपत्ति का सटीक आंकड़ा और अन्य संदिग्ध जानकारियां सार्वजनिक की जाएंगी। यह कार्रवाई राज्य में सरकारी अधिकारियों के बीच भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए एक कड़ा संदेश मानी जा रही है।

