Europe Heatwave Record: यूरोप में भीषण गर्मी से हाहाकार मचा हुआ है। यूरोप में गर्मी के प्रकोप का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फ्रांस में गर्मी (france heatwave) से 1000 लोगों की मौत हो चुकी है। सड़कें और ट्रैफिक लाइट पिघल रही है। फ्रांस, जर्मनी-स्पेन और ब्रिटेन समेत 16 देशों में तापमान 40 डिग्री पहुंच गया है। भीषण गर्मी और हीटवेव का सबसे ज्यादा कहर फ्रांस पर बरस रहा है। फ्रांस में सिर्फ चार दिन के भीतर करीब 1,000 लोगों की मौत हो चुकी है।
जर्मनी, डेनमार्क और चेक गणराज्य में तापमान ने नया रिकॉर्ड बनाया है। स्विट्जरलैंड में जून के महीने के लिए एक नया मानक बना। इसी सप्ताह फ्रांस और ब्रिटेन में भी ऐसे ही रिकॉर्ड टूट चुके हैं। बर्लिन में गर्मी इतनी अधिक थी कि जहां तापमान शनिवार को 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पुलिस ने राहत की तलाश में लोगों पर पानी का छिड़काव करने के लिए शहर में दो पानी की तोपें तैनात कीं है।
फ्रांस हेल्थ एजेंसी के मुताबिक भीषण गर्मी से 24 जून से 27 जून के बीच 1000 से ज्यादा लोग मरे हैं। मरने वालों में 85% बुजुर्ग हैं। सबसे अधिक मौतें घरों में हुईं। पेरिस और उसके आसपास के इलाकों वाले इलाके में ऐसे मामले ज्यादा सामने आए।पब्लिक हेल्थ एजेंसी ने चेतावनी दी कि यह संख्या बढ़ सकती है क्योंकि रेजिडेंशियल केयर सेंटरों और निजी घरों में हुई मौतों के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।
ब्रिटेन: 50 साल पुराना रिकॉर्ड 3 बार टूटा (UK heatwave)
ब्रिटेन के इतिहास में पहली बार लगातार तीन दिनों तक ‘रेड वार्निंग’ जारी करनी पड़ी है। जून के महीने का 50 साल पुराना पिछला रिकॉर्ड (35.6°C) इस हफ्ते लगातार तीन दिन टूटा है। दक्षिणी इंग्लैंड में तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ब्रिटेन के इतिहास का सबसे अधिक तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस है, जो जुलाई 2022 में दर्ज किया गया था। माना जा रहा है कि यह इस साल टूट सकता है। पूरे ब्रिटेन में 1,000 से अधिक स्कूलों को बंद करना पड़ा है। भीषण गर्मी ने बिजली उत्पादन में बाधा डाली है, बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है।
इटली: 18 शहरों में रेड अलर्ट, पो नदी में सूखे का खतरा (Italia heatwave)
इटली में गर्मी लगातार बढ़ रही है। सरकार ने रोम, मिलान, वेनिस, फ्लोरेंस और ट्यूरिन समेत 18 शहरों में सबसे ऊंचा रेड हीट अलर्ट जारी किया है। भीषण गर्मी के कारण देश की सबसे लंबी पो नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। इस वजह से समुद्र का खारा पानी नदी में घुसने लगा है, जिससे खेती और पेयजल पर खतरा बढ़ गया है।
जर्मनी का हाल भी बेहाल, हाइवे की सड़कें पिघल रहीं (Germany heatwave)
जर्मनी के ड्रैविट्ज शहर में शनिवार को तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह जर्मनी के इतिहास का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है। वहीं, कुबशुट्स शहर में रात का तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया। करीब 150 साल पहले रिकॉर्ड शुरू होने के बाद यह देश की सबसे गर्म रात रही। गर्मी इतनी भीषण है कि कई हाइवे की सड़कें पिघलने और टूटने लगी हैं, जिससे उन्हें बंद करना पड़ा है।
डेनमार्क में 37 डिग्री सेल्सियस पहुंचा तामपमान (Denmark heatwave)
डेनमार्क ठंडे देश के रूप में जाना जाता है। वहां भी इस बार ऐसी गर्मी पड़ी है जो इतिहास में कभी नहीं देखी गई। शनिवार को तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।डेनमार्क में 1874 से रिकॉर्ड रखना शुरू हुआ था। इसके बाद से यह सबसे अधिकतम तापमान है। इससे पहले अगस्त 1975 में सबसे ज्यादा 36.4 डिग्री सेल्सियस गर्मी पड़ी थी। डेनमार्क की सड़कें पिघलने लगी हैं। इस वजह से वहां भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है ताकि सड़कों को उखड़ने से बचाया जा सके।
स्विट्जरलैंड में भीषण गर्मी से ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे (Switzerland heatwave)
स्विट्जरलैंड के बासेल शहर में तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह देश के इतिहास में जून महीने का सबसे अधिक तापमान है। भीषण गर्मी की वजह से ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस साल ग्लेशियरों का बर्फ नुकसान रिकॉर्ड समय से पहले शुरू हो गया है।
पीएम मोदी ने मेलोनी को Melody Toffee गिफ्ट दी, खुशी से झूम उठी इटली की प्रधानमंत्री
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

