ब्रिटेन, आयरलैंड और यूरोप के कई देशों में प्रवासियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. यूरोप के कई देशों में इन दिनों प्रवासियों (Migrants) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों और तनावपूर्ण घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है. मकानों की कमी, बढ़ती महंगाई, शरणार्थी संकट और सुरक्षा संबंधी चिंताओं ने माहौल बदल दिया है. इन दिनों ब्रिटेन, आयरलैंड, जर्मनी, नीदरलैंड, फ्रांस करीब हर यूरोपीय देश में ‘प्रवासी विरोध’ की आग फैली हुई है. 

ब्रिटेन, आयरलैंड, जर्मनी और दूसरे यूरोपीय देशों में प्रवासियों को लेकर विरोध और राजनीतिक बहस तेज हो रही है. यूरोप के कई देशों के लोगों में भारतीय ही नहीं अन्य दुनिया के अन्य देशों से आए प्रवासियों को लेकर गुस्सा भरा हुआ है.

ब्रिटेन, आयरलैंड, जर्मनी और अन्य यूरोपीय देशों में आव्रजन नीतियों, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को लेकर लोगों सड़कों पर उतर रहे है. यहां सड़कों आगजनी, दंगे हो रहे हैं, कहीं लोगों के घरों में आग लगाई जा रही है और कहीं राजनीतिक पार्टियां इस मुद्दे पर अपनी रोटियां सेंक रही हैं.

स्थानीय लोगों में सोशल मीडिया के जरिए यह भावना फैलाई जा रही है कि प्रवासियों की वजह से उनकी संस्कृति और जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) बदल रही है. अब विश्व भर की मीडिया की खबरों में आने वाले वक्त में ‘यूरोपियन ड्रीम’ की राह मुश्किल बताई जा रही है.

🇮🇳 यूरोप में भारतीयों पर मंडरा रहा खतरा 🔥 इंग्लैंड, आयरलैंड और जर्मनी  में इन दिनों प्रदर्शन की आग जल रही है। प्रवासी-विरोधी माहौल तेजी से ...

स्थानीय लोगों को लगता है कि सीमित संसाधनों पर मुकाबला बढ़ रहा है. सोशल मीडिया पर अधूरी या गलत जानकारी बिजली की रफ्तार से फैलती है और आग में घी का काम करती है.

जल रहा ब्रिटेन-आयरलैंड-जर्मनी, निशाने पर प्रवासी... क्या भारतीयों के 'यूरोपियन  ड्रीम' पर मंडरा रहा खतरा? - Britain Ireland Germany Europe Anti Migrant  Protests Indian ...

यूरोप में प्रवासियों के खिलाफ यह गुस्सा भारतीय छात्रों, कामगारों और परिवारों पर भी असर डाल सकता है. बेहतर भविष्य और अच्छी नौकरी के लिए भारतीय भी बड़ी संख्या में यूरोप जाने लगे. शिक्षा से लेकर रहन-सहन, साफ हवा और परिवार के लिए बेहतर माहौल की तलाश में भारतीयों ने यूरोपीय देशों को चुना.

आयरलैंड में भी हाल के महीनों में भारतीय और अन्य प्रवासी समुदायों के खिलाफ नस्लीय हमलों और विरोध प्रदर्शनों की घटनाएं सामने आई हैं. यूरोप के कई प्रमुख देशों में इन दिनों प्रवासियों के खिलाफ गुस्सा उबल रहा है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि बाहरी देशों से आने वाले प्रवासियों और शरणार्थियों को उनके देश से तुरंत बाहर निकाला जाए. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अवैध घुसपैठियों के कारण उनके रोजगार और संसाधन खतरे में हैं. 

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