संजय पाटीदार, भोपाल। राजधानी भोपाल के जेपी अस्पताल परिसर स्थित स्वास्थ्य संचालनालय में सोमवार को एक बार फिर कुर्की की कार्रवाई हुई। जिला कोर्ट के आदेश पर कोलकाता की निजी कंपनी के बकाया भुगतान की वसूली के लिए पहुंची टीम ने विभाग परिसर से दो गाड़ियां और कार्यालय में रखा सामान कुर्क किया। कंप्यूटर, लैपटॉप समेत अन्य सामग्री भी कार्रवाई के दायरे में आई।

कीटनाशक दवाई खरीदी का मामला

मामला पुराना है। कंपनी के अधिवक्ता पूर्णाशिस भुनिया के मुताबिक स्वास्थ्य संचालनालय ने वर्ष 2011-13 के दौरान कोलकाता की मेसर्स नितापोल इंडस्ट्रीज से करीब 50.70 लाख रुपये की कीटनाशक दवाएं खरीदी थीं। कंपनी का आरोप है कि दवाओं की आपूर्ति के बाद भुगतान नहीं किया गया।

न्यायालय के आदेश पर संपत्ति कुर्क

भुगतान का मामला अदालतों तक पहुंचा। कंपनी के अधिवक्ता के मुताबिक जिला कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक मामला गया, जहां विभाग को कंपनी का भुगतान करने के निर्देश दिए गए। भुगतान नहीं होने के बाद अब न्यायालय के आदेश पर संपत्ति कुर्क कर बकाया राशि की वसूली की जा रही है।

नवंबर 2024 में भी कुर्की की टीम संचालनालय पहुंची थी

यह पहला मौका नहीं है जब इस मामले में स्वास्थ्य संचालनालय की संपत्ति कुर्क करने की कोशिश हुई हो। नवंबर 2024 में भी कुर्की की टीम जेपी अस्पताल परिसर स्थित स्वास्थ्य संचालनालय पहुंची थी। उस समय करीब 19.34 करोड़ रुपये की वसूली के आदेश के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन अधिकारियों के विरोध के बाद टीम को वापस लौटना पड़ा था। इसके बाद कंपनी की ओर से दो वाहनों की कुर्की की कार्रवाई पहले भी की जा चुकी है। ये वाहन भोपाल जिला कोर्ट परिसर में खड़े बताए जा रहे हैं।

बकाया राशि ब्याज समेत 4 करोड़ से अधिक

सोमवार की कार्रवाई के दौरान जिला कोर्ट से जुड़े कर्मचारी भी मौजूद रहे। कंपनी के अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट के आदेश के तहत बकाया राशि की वसूली के लिए विभाग की संपत्ति कुर्क की जा रही है। दो गाड़ियों के अलावा कार्यालय में रखा सामान भी जब्त किया गया है। अधिवक्ता के मुताबिक बकाया राशि ब्याज समेत अब चार करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। उनका कहना है कि भुगतान नहीं होने की स्थिति में आगे स्वास्थ्य संचालनालय के भवन की कुर्की की कार्रवाई भी की जा सकती है। वही 2024 की कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवाओं को अमानक पाए जाने के कारण भुगतान रोकने की बात सामने आई थी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m