पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में क्वेटा से लगभग 30 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित सोरांगे कोयला क्षेत्र में हुए भीषण हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया है. कोयला क्षेत्र की दो खदानों में मीथेन गैस विस्फोट के बाद हुए ब्लास्ट से कम से कम 32 मजदूरों की मौत हो गई है. इस खदान में हुए धमाके के मलबे में अभी भी कई मजदूर फंसे हैं. बचावकर्मी उन तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.

यहां एक कोयला खदान में भीषण विस्फोट हो गया जिसके कारण खदान का बड़ा हिस्सा ढह गया. खदान के भीतर फैली मीथेन गैस और आग के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.

पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि मीथेन गैस विस्फोट के बाद बचाव दल ने क्वेटा के पास सोरेंज कोयला क्षेत्र में दो कोयला खदानों से रात भर में 32 शव बरामद किए हैं, जबकि दो और खनिकों की तलाश के लिए खोज अभियान जारी है.

यह हादसा गुरुवार को क्वेटा से करीब 30 किलोमीटर उत्तर-पूर्व स्थित सोरांगे कोयला क्षेत्र की एक निजी खदान में हुआ. धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज सोरांगे क्षेत्र के दूर-दूर तक सुनाई दी.

जानकारी के अनुसार, पहली खदान में गुरुवार दोपहर करीब 24 मजदूर लगभग 4,000 फीट की गहराई में काम कर रहे थे. बलूचिस्तान के मुख्य खान निरीक्षक मोहम्मद आतिफ ने बताया कि हादसे के समय दोनों खदानों के अंदर कुल 34 मजदूर मौजूद थे. अभी भी दो मजदूर लापता हैं. उन्हें खोजने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. विस्फोट का असर पास स्थित दूसरी कोयला खदान पर भी पड़ा और वहां काम कर रहे मजदूर भी इसकी चपेट में आ गए.

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