Fake Bill In Vande Bharat Inauguration: जोधपुर रेल मंडल में Vande Bharat एक्सप्रेस के उद्घाटन कार्यक्रम से जुड़े खर्चों पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सामने आए दस्तावेजों के आधार पर सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, फर्जी कोटेशन तैयार करने और वित्तीय नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। मामले में दावा किया गया है कि बिना वित्तीय मंजूरी, वर्क ऑर्डर और भौतिक सत्यापन के करीब 15 लाख रुपए के कार्य आवंटित किए गए।

हालांकि, रेलवे प्रशासन की ओर से इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, मामले की जानकारी सामने आने के बाद जांच कराने की बात कही गई है।

RTI में क्या दावा किया गया?

RTI कार्यकर्ता दीनदयाल बंग द्वारा प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया गया है कि सहायक मंडल अभियंता (मुख्यालय) कार्यालय में कई कार्य नियमों के विपरीत कराए गए। आरोप है कि बाद में ऑडिट प्रक्रिया से बचने के लिए प्रतिस्पर्धी कोटेशन भी तैयार किए गए।

टेंट के बिल में एक जैसे टैक्स का आरोप

दस्तावेजों के अनुसार, टेंट व्यवस्था के लिए महिंद्रा टेंट फैक्ट्री को लगभग 12.05 लाख रुपए का भुगतान किया गया। आरोप है कि प्रक्रिया पूरी दिखाने के लिए कार्तिक टेंट और के.एम. टेंट के नाम से भी कोटेशन लगाए गए। RTI में दावा किया गया है कि तीनों कोटेशन में CGST और SGST की राशि 80,997 रुपए समान दर्ज है। जबकि कुल राशि अलग होने के बावजूद टैक्स का बिल्कुल समान होना संदेह पैदा करता है।

फ्लेक्स प्रिंटिंग के बिल पर भी सवाल

RTI दस्तावेजों में फ्लेक्स प्रिंटिंग और आयरन फ्रेम के 1.70 लाख रुपए से अधिक के कार्य को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि प्रतिस्पर्धी फर्म के लेटरहेड पर कार्यक्रम से कई महीने पहले की तारीख दर्ज है। वहीं, दूसरी फर्म के दस्तावेज में किसी पुराने कार्यक्रम का टेक्स्ट छूट जाने का भी दावा किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे दस्तावेजों के कॉपी-पेस्ट होने की आशंका मजबूत होती है।

मोबाइल नंबर और हस्तलेखन पर भी सवाल

RTI के अनुसार, फूलों और गुब्बारों की सजावट से जुड़े बिलों में इस्तेमाल किए गए कुछ कोटेशन में समान मोबाइल नंबर होने का आरोप है। इसके अलावा, पौधों की खरीद से जुड़े दस्तावेजों में अलग-अलग नर्सरी के नाम होने के बावजूद एक जैसी लिखावट होने का भी दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने इसे फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने का संकेत बताया है।

रेलवे की क्या प्रतिक्रिया?

मामले के सार्वजनिक होने के बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या किसी अधिकारी की जिम्मेदारी अभी तय नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

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