सहारनपुर में पुलिस ने नकली सिक्के बनाने और उन्हें बाजार में चलाने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार गिरोह सोनीपत में सिक्के तैयार कर पंजाब, बिहार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उनकी सप्लाई करता था.
सहारनपुर. जिले में पुलिस ने नकली सिक्के बनाने और उन्हें बाजार में खपाने वाले गिरोह का खुलासा किया है. शहर कोतवाली पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार गिरोह हरियाणा के सोनीपत में नकली सिक्के तैयार कर पंजाब, बिहार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उनकी सप्लाई करता था.
पुलिस जांच में गिरोह का नेटवर्क पंजाब से बिहार तक फैला होने की बात सामने आई है. अधिकारियों के मुताबिक गिरोह में सात से आठ सदस्य शामिल हैं और अलग-अलग लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं.
सोनीपत में थी फैक्टरी
पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य सरगना पंजाब के मोहाली निवासी उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह है. उसके द्वारा हरियाणा के सोनीपत में नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी स्थापित किए जाने की जानकारी जांच में सामने आई है.
यहीं तैयार किए गए नकली सिक्कों को पंजाब, बिहार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बदायूं, संत रविदास नगर और सहारनपुर समेत अन्य स्थानों पर भेजे जाने की बात पुलिस ने बताई है. पुलिस का कहना है कि गिरोह अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्के बाजार में खपा चुका है.
पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के मधुबनी, पंजाब तथा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और संत रविदास नगर के रहने वाले लोग शामिल हैं. इस मामले में कुछ दिन पहले दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी, जिसके बाद तीन अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी सामने आई और उनकी गिरफ्तारी की गई.
एसएसपी अभिनंदन सिंह ने रविवार को पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता के दौरान मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पुलिस को कुछ दिनों से बाजार में नकली सिक्के चलाए जाने की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद शहर कोतवाली, एसओजी और सर्विलांस टीम ने कार्रवाई शुरू की.
मशीनें और सिक्के बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20-20 रुपये के 6400 नकली सिक्के बरामद किए हैं, जिनकी कीमत 1.28 लाख रुपये बताई गई है. इसके अलावा करीब पांच लाख रुपये मूल्य के अधबने सिक्के भी मिले हैं.
जांच टीम ने 500-500 रुपये के 20 नोट, छह सिक्के तैयार करने वाली मशीनें, पांच लोहे की डाई, बिना मुहर की 39 डाई और मुहर लगी 20 डाई भी बरामद की हैं. इसके साथ आठ मोबाइल फोन, डाई पॉलिश मशीन, दो घिसाई पत्थर, दो कार और अन्य उपकरण मिले हैं.
पुलिस को सात हिसाब रजिस्टर, पैड और एक चेक बुक भी मिली है. इन दस्तावेजों और मोबाइल फोन के आधार पर पुलिस गिरोह के लेनदेन और नकली सिक्कों की सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है.
बाजार और टोल पर खपाने का दावा
पूछताछ में आरोपियों द्वारा 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार कर बाजार में चलाने की बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने सरकारी शराब के ठेकों और टोल प्लाजा पर भी इन सिक्कों को खपाने की बात स्वीकार की है.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितने लोगों तक नकली सिक्के पहुंचाए और बाजार में इन्हें चलाने के लिए कौन-कौन लोग उसके संपर्क में थे. मामले की जांच जारी है.



