० जूई गांव में कृषि शिविर आयोजित, विशेषज्ञों ने उन्नत खेती, जैविक खाद और फसल संरक्षण पर दिए अहम सुझाव
अजय सैनी, भिवानी।भिवानी। वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक कृषि ज्ञान के अभाव में आज भी बड़ी संख्या में किसान बेहतर उत्पादन से वंचित रह जाते हैं। किसानों को बदलते मौसम, कीट-रोग प्रबंधन और संतुलित खेती की जानकारी देकर जागरूक करने के उद्देश्य से कैरू खंड के गांव जुई में कृषि जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कृषि विशेषज्ञों ने लाभकारी खेती के गुर बताए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. आर.के. सैनी ने कहा कि किसी भी फसल से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए उसकी उन्नत किस्मों, संतुलित उर्वरक उपयोग, कीट एवं रोग नियंत्रण, जल संरक्षण तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बदलती मौसमीय परिस्थितियों के अनुसार कीटों और बीमारियों का प्रकोप भी बदल रहा है, इसलिए किसानों को समय-समय पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर ही खेती करनी चाहिए।
डॉ. सैनी ने विशेष रूप से ग्वार फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों और बीमारियों की पहचान एवं उनके प्रभावी नियंत्रण के उपायों की विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. जगदेव सिंह ने भूमि की जल धारण क्षमता बढ़ाने के लिए जैविक खादों के अधिकाधिक उपयोग पर जोर दिया। वहीं कृषि विभाग के सेवानिवृत्त विषय विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र कौशिक ने मिट्टी में घटते ऑर्गेनिक कार्बन स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए किसानों से फसल अवशेषों को जलाने के बजाय खेत में मिलाने की अपील की, ताकि मिट्टी की उर्वरता और सूक्ष्म जीवों की संख्या बढ़ाई जा सके।
शिविर के दौरान किसानों को बीज उपचार की दवाओं के नि:शुल्क सैंपल और कृषि संबंधी जानकारी से युक्त साहित्य भी वितरित किया गया। कार्यक्रम में जुई कलां और जुई खुर्द के सरपंचों सहित 50 से अधिक किसानों ने भाग लेकर विशेषज्ञों से खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।

