प्रमोद कुमार/ कैमूर। जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भभुआ शहर के पटेल चौक स्थित अष्टभुजी रोड पर संचालित अमेरिकन लाइब्रेरी में भीषण आग लग गई। आग लगने का प्राथमिक कारण एसी (AC) में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। समय रहते दमकल विभाग की टीम के पहुंचने से एक बड़ा हादसा टल गया, अन्यथा लखनऊ जैसी दुखद स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।
कैसे हुआ हादसा और स्थिति
घटना उस समय हुई जब लाइब्रेरी परिसर में मौजूद लोग किसी काम में व्यस्त थे। अचानक शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी ने एसी को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते आग विकराल हो गई। लाइब्रेरी से उठती लपटें और धुएं के गुबार को देख आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की भयावहता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचित किया। मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में लाइब्रेरी के फर्नीचर, महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य जरूरी कागजात जलकर खाक हो गए हैं।
प्रशासनिक जांच और सुरक्षा की अनदेखी
घटना की सूचना मिलते ही भभुआ सीओ पुरुषोत्तम कुमार और भभुआ थानाध्यक्ष दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। सीओ पुरुषोत्तम कुमार ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि गनीमत रही कि उस समय वहां बच्चे मौजूद नहीं थे, क्योंकि उसी परिसर में अमेरिकन किड स्कूल भी संचालित होता है।
सीओ ने कड़े शब्दों में कहा कि लाइब्रेरी संचालक द्वारा आपदा प्रबंधन विभाग की गाइडलाइन का सरासर उल्लंघन किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी और संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
यह घटना सुरक्षा मानकों के प्रति कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों की लापरवाही को उजागर करती है। सवाल यह है कि लखनऊ अग्निकांड जैसी बड़ी घटनाओं के बावजूद प्रशासन ऐसे संस्थानों के फायर एनओसी और सुरक्षा इंतजामों की जांच में इतनी ढिलाई क्यों बरत रहा है? यदि दमकल की गाड़ी समय पर नहीं पहुंचती, तो यह आग आसपास की घनी आबादी और अन्य भवनों को भी चपेट में ले सकती थी। फिलहाल, जिला प्रशासन अब इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अन्य संस्थानों की भी जांच करने की बात कह रहा है।

