नीरज काकोटिया, बालाघाट। बिना देखे परखे कार्य करने के संबंध में कहावत है, खोदा पहाड़ निकली चुहिया। ऐसी कुछ स्थिति वन्य प्राणी तेंदुआ होने को लेकर सामने आयी हैं। बालाघाट के भरवेली थाना क्षेत्र अंतर्गत कटिंगटोला से जुड़े इस घटनाक्रम के अनुसार वन विभाग ने 6 घंटे से अधिक समय तक पूरे दलबल के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन किया। लेकिन अंत में निष्कर्ष यह आया कि जिसे देखा गया वह वन प्राणी तेंदुआ नही बल्कि जंगली बिल्ली हैं।
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जानकारी के अनुसार बालाघाट के भरवेली थाना क्षेत्र अंतर्गत कटिंगटोला में मकान का निर्माण करने वाले उम्मेद मेश्राम के माध्यम से यह खबर आग की तरह फैली कि उसने आज सुबह साढ़े 5 बजे तेंदुआ देखा है और वह निकट के पानी निकासी वाले पाईप में घुस गया हैं। पाइप में तेंदुआ घुसने की खबर ने हड़कंप मचाने के साथ ही लोगों को दहशत में ला दिया था। लोगों का यहां पर जमकर हुजुम उमड़ पड़ा। सरपंच की ओर से वन विभाग को सूचना दी गई।
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उत्तर सामान्य वन मंडल के डीएफओ, एसडीओ सहित विविध रेंज के रेंजर व अन्य वन महकमा तथा पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचें। वन विभाग ने अलग-अलग 2 पिंजरा को लाकर तेंदुआ को कैद करने के लिये नाले में लगाया गया। 6 घंटे तक कई तरह के प्रयास करते हुये रेस्क्यू किया गया। लेकिन अंत में टॉर्च की रोशनी से मोबाइल कैमरा में पाइप के अंदर घुसने वाले की तस्वीर कैद की गई तो पाया गया कि वह तेंदुआ नहीं बल्कि जंगली बिल्ली हैं। इसके पश्चात दोनों ओर लगाये गये पिंजरा को हटा दिया गया। साथ ही अधिकारियों ने भी राहत महसूस की।

