देहरादून. पूर्व सीएम हरीश रावत ने रुद्रपुर में चल रही विकास प्राधिकारण की कार्रवाई को लेकर निशाना साधा है. साथ ही उन्होंने सिलेंडरों के बढ़ते दाम को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया. रावत ने कहा कि मोहल्ला पहाड़गंज, रुद्रपुर पर जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण की तलवार लटकी हुई है. वह उनको उजाड़ना चाहते हैं. वर्षों से रह रहे लोगों को कहा जा रहा है कि स्थान को आप खाली करो. जहां रसूखदार लोग हैं, वहां DDA को नियम-कानून याद नहीं आ रहे हैं. जहां गरीब लोग रहते हैं, DDA की तलवार उनके ऊपर लटक रही है.
रावत ने आगे लिखा कि मैं लोगों से प्रार्थना करना चाहता हूं कि जो आज जिला विकास प्राधिकरण है, यह वसूली मास्टर हो गए हैं. ये लोगों को चूस रहे हैं, विकास को नियंत्रित नहीं कर रहे हैं. यह अनियंत्रित विकास को जन्म दे रहे हैं. पैसा दीजिए तो सब कुछ माफ है. पैसा नहीं देंगे, यदि आपने घर की खिड़की की चौखट भी बदल दी, तो जिला विकास प्राधिकरण अपना फरमान लेकर पहुंच जाएगा. ये जो मोहल्ला पहाड़गंज है, इसको बचाने के लिए, पुरानी वसासत को बचाने के लिए समस्त रुद्रपुर वासियों को आगे आना चाहिए.
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पूर्व सीएम ने एलपीजी की कीमतों को लेकर कहा कि “यह चिंता की बात है. कीमत 29 रुपये बढ़ गई है और भी बढ़ने की संभावना है. आम लोगों पर हर जगह से महंगाई का बोझ है. सरकार को इस बात की बिल्कुल भी चिंता नहीं है कि यह बोझ कैसे कम किया जाए. सरकार को एक्साइज ड्यूटी कम करनी चाहिए ताकि पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें कम हों. जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो गैस सिलेंडर 400 रुपये से कम के थे, अब यह 1000 रुपये के पार हो गए हैं. लोग दूसरी जगहों पर खर्च कम करके भी गुजारा नहीं कर पा रहे हैं. दूसरी तरफ, बेरोजगारी लोगों पर भारी पड़ रही है.”

