Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय से अति संवेदनशील फाइलें गायब होने के मामले में जांच तेज हो गई है। इसी सिलसिले में राज्य के पूर्व आईटी सचिव मनोज मिश्रा आज भुवनेश्वर के कैपिटल थाने में पेश हुए। कमिश्नरेट पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में दो पूर्व वरिष्ठ नौकरशाहों को समन जारी किया था और उन्हें 22 तारीख तक पुलिस के सामने हाजिर होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था।
दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया था समन
पुलिस ने इस मामले में सेवानिवृत्त आईएएस राजेश वर्मा और पूर्व आईटी सचिव मनोज मिश्रा को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। समन मिलने के बाद मनोज मिश्रा आज खुद थाने पहुंचे, जहां पुलिस अधिकारी उनसे फाइलों के रखरखाव और उनके गायब होने से जुड़े घटनाक्रम को लेकर पूछताछ कर रहे हैं।
लक्ष्मणानंद हत्या और सम हॉस्पिटल अग्निकांड की फाइलें गायब
मिली जानकारी के अनुसार, ओडिशा में सत्ता परिवर्तन के दौरान 4 जून 2024 को मुख्यमंत्री कार्यालय से सभी सरकारी फाइलें गृह विभाग को लौटा दी गई थीं। लेकिन जांच के दौरान यह पाया गया कि दो बेहद संवेदनशील मामलों स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या और सम हॉस्पिटल अग्निकांड की जांच रिपोर्ट (जुडिशियल कमीशन रिपोर्ट) गृह विभाग को वापस नहीं मिली। ये फाइलें काफी महत्वपूर्ण थीं, जिसके बाद गृह विभाग के अधिकारियों को फाइलों के चोरी या गायब होने का संदेह हुआ।
कैपिटल थाने में दर्ज हुई थी FIR: फाइलों के न मिलने पर गृह विभाग की ओर से भुवनेश्वर के कैपिटल थाने में एक औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने लोक सेवा भवन में जाकर घंटों तक गहन छानबीन और दस्तावेजों की पड़ताल की थी।
मामले की गहराई से जांच कर रही है पुलिस
पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद ये महत्वपूर्ण फाइलें कहां गईं और इसके पीछे किसका हाथ है। पूर्व नौकरशाहों से पूछताछ के जरिए पुलिस कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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