लखनऊ. 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को लखनऊ देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया. विधान भवन के समक्ष आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ध्वजारोहण किया. इस दौरान पहली बार विधान भवन के सामने ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन हुआ. सांस्कृतिक कलाकारों ने देशभक्ति और भारतीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर समारोह में उत्साह और भावनात्मकता का रंग भर दिया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिवारों को सम्मानित कर उनके त्याग को नमन किया.
ध्वजारोहण के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बिना देश की आजादी की लड़ाई की कहानी अधूरी है. मंगल पांडेय से लेकर रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई, ऊदा देवी, चंद्रशेखर आजाद और रामप्रसाद बिस्मिल तक स्वतंत्रता संग्राम में उत्तर प्रदेश की धरती ने ऐसे असंख्य वीरों को जन्म दिया, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. उत्तर प्रदेश ने आजादी के आंदोलन के बिगुल को पूर्व से पश्चिम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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आजादी विरासत, विकसित भारत की जिम्मेदारी हमारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वाधीनता सेनानियों ने देश को आजादी दिलाई, लेकिन अब हमारी पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि भारत को समृद्ध, सामर्थ्यवान और स्वाभिमान की नई ऊंचाइयों तक ले जाए. स्वतंत्रता हमें विरासत में मिली है, जबकि विकसित भारत का निर्माण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश जब एक साथ, एक स्वर में विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा तो यही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और वीर सैनिकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
‘उपद्रव प्रदेश से उत्सव प्रदेश बना यूपी’
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि से उद्योग, युवाशक्ति से स्टार्टअप शक्ति और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग से डीप टेक तक लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. प्रदेश सिर्फ बदल नहीं रहा, बल्कि देश में बदलाव की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘उपद्रव प्रदेश’ से ‘उत्सव प्रदेश’ में बदल चुका है और सुशासन के मॉडल की ओर आगे बढ़ रहा है. अब इसकी पहचान बीमारू राज्य के रूप में नहीं, बल्कि देश के ग्रोथ इंजन के रूप में हो रही है.
जल्द आएगी नई यूथ पॉलिसी
मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बताया. उन्होंने कहा कि यूपी का युवा प्रतिभावान और परिश्रमी है तथा देश और समाज के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति रखता है. सरकार ने नकल माफिया और भर्ती माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है. उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा के लिए एआई, मशीन लर्निंग, सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप इकोसिस्टम, साइबर, रोबोटिक्स, फिनटेक, डीप टेक और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम किया जा रहा है. इससे निवेश, नवाचार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
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योगी ने कहा कि सीएम युवा उद्यमी योजना के जरिए युवाओं को स्वरोजगार के लिए ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने घोषणा की कि युवाओं की प्रतिभा और संभावनाओं को नई दिशा देने के लिए प्रदेश सरकार जल्द नई यूथ पॉलिसी लेकर आएगी. इसके जरिए स्किल, इनोवेशन और रोजगार को एकीकृत दृष्टिकोण से मजबूत किया जाएगा.
इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को भी याद किया. उन्होंने बताया कि शामली में कुख्यात अपराधियों के खिलाफ मुठभेड़ में इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने चार दुर्दांत अपराधियों को मार गिराने में सफलता हासिल की, लेकिन खुद गंभीर रूप से घायल होने के बाद वीरगति को प्राप्त हुए. उनके अदम्य साहस के लिए उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया.
योगी ने कहा कि यह सम्मान केवल इंस्पेक्टर सुनील कुमार का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस के उन सभी जवानों के शौर्य का सम्मान है, जो अपनी जान की परवाह किए बिना कानून-व्यवस्था और जनता की सुरक्षा के लिए डटे रहते हैं. समारोह में शहीदों के परिवारों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी और उसकी सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वालों का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता. स्वतंत्रता दिवस का यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि उनके त्याग को याद करने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को नए सिरे से स्वीकार करने का अवसर है.


