अयोध्या. राम मंदिर के चढ़ावे में गबन का आरोप सामने आने के बाद से ये मुख्य चर्चा का विषय बन गया है. चारो तरफ सिर्फ इसी विषय पर चर्चा हो रही है. इस बीच चढ़ावे में से 7 करोड़ रुपये की चोरी का दावा सामने आया है. मंदिर का पूर्व लेखा प्रभारी होने का दावा करने वाले महिपाल सिंह ने पूरे मामले को लेकर बड़ा खुलासा किया है. मीडिया को उन्होंने बताया कि मंदिर में चोरी कोई नई बात नहीं थी, यह रोजाना होती थी.
महिपाल के मुताबिक उन्होंने खुद चोरी पकड़ी थी. इसकी शिकायत राम मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और मेंबर गोपाल से की थी. लेकिन अगले ही दिन चंपत राय ने उन्हें हटा दिया. मंदिर में लगे CCTV कैमरों की 8 महीने पुरानी फुटेज डिलीट करवा दी गई. महिपाल का कहना है कि चंपत राय मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं में मनमर्जी चलाते हैं. विरोध करने पर व्यक्ति को हटा दिया जाता है.
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वहीं इस मामले को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बीते गुरुवार को एटा में कहा था कि ‘राम मंदिर में शिला पूजन के समय से ही चोरी हो रही है. कितने आरोप लग चुके हैं. बता दें कि बीते दिनों मंदिर आंदोलन से जुड़े और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने भी इस मामले में जांच की मांग की है. कटियार के बयान के बाद यह मुद्दा और चर्चा में आ गया है. इसके अलावा वहीं संत समाज के कई प्रमुख संतों ने भी पारदर्शी जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग रखी है.
नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी ने भी उठाए सवाल
वहीं इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने जांच करने वालों पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए. महंत ने कहा, “आज स्थिति ऐसी है कि सब एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. जो जांच कर रहे हैं, उनकी ईमानदारी पर भी सवाल हैं. ऐसे में निष्पक्ष जांच कैसे होगी? अंततः भगवान ही सब देख रहे हैं और वही न्याय करेंगे.
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मंदिर में कहां से आता है पैसा?
बता दें कि मंदिर की आय का मुख्य स्रोत दान और बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज है. ग्लोबल वेल्थ इंडेक्स-2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर की अचल संपत्तियों में लगभग 70 एकड़ का मुख्य परिसर और उसके आसपास की अधिग्रहित भूमि है. बताया जाता है कि मंदिर में रोजना एक करोड़ रुपये से ज्यादा दान आता है.

