अयोध्या. राम मंदिर के चढ़ावे में गबन के आरोपों के बाद से ट्रस्ट में हड़कंप मच गया है. पूरे मामले पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के शीर्ष ट्रस्टी अब तक सार्वजनिक रूप से चुप्पी साधे हुए हैं. बताया जा रहा है कि ट्रस्ट स्तर पर मामले की गोपनीय जांच कराई जा रही है और जांच पूरी होने तक कोई भी जिम्मेदार पदाधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं.
इधर मंदिर आंदोलन और ट्रस्ट से जुड़े लोगों के बीच भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं. राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर है. कटियार के बयान के बाद यह मुद्दा और चर्चा में आ गया है. इसके अलावा वहीं संत समाज के कई प्रमुख संतों ने भी पारदर्शी जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग रखी है.
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वहीं इस मामले को लेकर अखिलेश यादव लगातार सवालों के तीर दाग रहे हैं. उन्होंने एक्स पर फिर एक पोस्ट साझा किया है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि ‘अति उल्लेखनीय. जिसको दुनिया ने आज जाना है सच में ये किस्सा बड़ा पुराना है. इसे सबको सुनना चाहिए और सबको सुनाना भी चाहिए. आस्थाओं और भावनाओं के नाम पर जो कुछ गोरखधंधा हो रहा है, वो अधार्मिक भी है और आपराधिक भी. सवाल ये है कि जब ये सब इतने सालों से चल रहा था और कुछ सर्वोच्च स्तरीय न्यासियों तक को इसके बारे में मालूम था तो फिर ये सब दबाया क्यों गया?’
अखिलेश ने आगे लिखा कि ‘सभी न्यासियों को इसके बारे में बताकर कभी कोई FIR क्यों नहीं हुई. ट्रस्ट का एक अर्थ ‘विश्वास’ भी होता है, आशा है ट्रस्ट स्वयं इस विषय की गंभीरता को समझते हुए इस मामले की उच्च न्यायिक जांच की मांग करेगा, निर्भय होकर दोषियों को दंड दिलवाएगा, चढ़ावे की राशि और बहुमूल्य धातुओं की पुनर्प्राप्ति करके विश्वास की पुनर्स्थापना करेगा क्योंकि आम जनता अपने चढ़ावे के पैसों और बहुमूल्य धातुओं के साथ हुए घपले-घोटाले की आशंका से बेहद आक्रोशित है. सरकार मौन क्यों है? क्या जांच की आंच से बड़े लोग डरे हुए हैं?’

