बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास की मुश्किलें बढ़ गई हैं. GOAT इंडिया टूर से जुड़े FIR मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उन्हें सुरक्षा प्रदान नहीं की है और साथ ही उनके भाई स्वरूप बिस्वास की गिरफ्तारी और सुरुचि संघ क्लब में मिले कथित तौर पर आपत्तिजनक और अनियमित सामान को लेकर उठे सवालों ने विवाद को और गहरा कर दिया है. गिरफ्तारी के डर से अरूप ने आज अदालत में अग्रिम सुनवाई के लिए अर्जी दी थी, जिसमें सुरक्षा की मांग की गई थी.
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने लंबित मामलों की भारी संख्या का हवाला देते हुए आपातकालीन सुनवाई से इनकार कर दिया.
पूर्व खेल मंत्री अरूप बिश्वास, लियोनेल मेस्सी मामले में अब बुरी तरह मुश्किल में फंस गए हैं. गिरफ्तारी के डर से अदालत में अग्रिम सुनवाई के लिए दी गयी अर्जी में सुरक्षा की मांग की गई थी, जिसे जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने यह कहते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया कि अभी पीठ के पास लंबित मामलों की संख्या बहुत ही ज्यादा है. पीठ ने बिल्कुल स्पष्ट करते हुए कहा कि याचिका पर सुनवाई औपचारिक रूप से दाखिल होने और सामान्य प्रक्रिया के तहत सूचीबद्ध होने के बाद ही की जाएगी.
पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास तत्काल सुनवाई नहीं होने की वजह से संभावित पुलिस कार्रवाई से कोई अंतरिम राहत पाने में असमर्थ रहे. अरूप बिस्वास ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया था जिसमे कहा गया है कि मेरे भाई को गिरफ्तार किया जा चुका है. मुझे भी किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है. पूर्व खेल मंत्री को बिधाननगर दक्षिण पुलिस स्टेशन में पेश होना था, लेकिन समय बीत जाने के बाद भी वे उपस्थित नहीं हुए.
फुटबॉल स्टार Lionel Messi के GOAT इंडिया टूर का कोलकाता कार्यक्रम भारी अव्यवस्था के कारण विवादों में आ गया था. आयोजक सतद्रु दत्ता ने बंगाल के पूर्व खेल मंत्री पर हस्तक्षेप, टिकट हेराफेरी और दबाव बनाने के आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई थी.
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