अनुज कुमार पाण्डेय, गोपालगंज। पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने जादोपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में थाना चालक राकेश कुमार, चौकीदार महंथ कुमार यादव और अवैध वसूली में मदद करने वाला बिचौलिया राजू यादव शामिल है। इस कड़े कदम से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

​36 घंटे अवैध हिरासत में रखकर वसूले 1.80 लाख रुपये

जांच में खुलासा हुआ कि जादोपुर थाना पुलिस ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के कुछ निर्दोष लोगों को लगभग 36 घंटे तक अवैध हिरासत में रखा। पीड़ितों को झूठे मुकदमों में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर छोड़ने के एवज में भारी रकम की मांग की गई। शुरुआती जांच के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने बिचौलिये के जरिए पीड़ितों से 50 हजार, 75 हजार और 55 हजार रुपये (कुल 1,80,000 रुपये) की अवैध वसूली की।

​विशेष टीम की जांच में खुली पोल

मामले की गुप्त शिकायत मिलने के बाद एसपी विनय तिवारी ने तुरंत एक विशेष जांच टीम का गठन किया। टीम की पड़ताल में भ्रष्टाचार और अवैध हिरासत के आरोप सही पाए गए। इसके बाद देर रात एसपी के निर्देश पर त्वरित छापेमारी कर चारों आरोपियों को दबोच लिया गया।

​निलंबन और प्राथमिकी दर्ज

थानाध्यक्ष अनिल राम और संबंधित चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।इस मामले में जादोपुर थाना कांड संख्या 185/2026 दर्ज कर वैधानिक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।नगर थाने में सभी गिरफ्तार आरोपियों से उच्च अधिकारियों द्वारा कड़ी पूछताछ की जा रही है।

एसपी विनय तिवारी ने सख्त लहजे में कहा कि, पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार, कानून के दुरुपयोग और जनता के उत्पीड़न को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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