राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश के कूनो (Kuno) के चीते अब नौरादेही नहीं, बल्कि गुजरात के कच्छ जाएंगे। पहली बार चीतों की अंतरराज्यीय शिफ्टिंग की जाएगी। एमपी में पुनर्वासित अफ्रीकी चीते गुजरात के जंगलों की नई पहचान बनेंगे। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और चीता प्रोजेक्ट स्टीयरिंग कमेटी ने इसे मंजूरी दी है।
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से दो नर और दो मादा चीतों को गुजरात के कच्छ स्थित बन्नी ग्रासलैंड में शिफ्ट करने की मंजूरी मिली है। यह पहली बार होगा जब चीतों की अंतरराज्यीय शिफ्टिंग होगी। वहीं चीतों को गुजरात भेजने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए है।
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कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा कि कूनो नेशनल पार्ट एशियन गिर लॉयन के लिए बना था। गुजरात से मध्य प्रदेश गिर शेर लाया जाना था। दो नर और दो मादा चीते गुजरात जा तो रहे हैं, लेकिन आएगा क्या ? एमपी बब्बर शेरों का इंतजार कर रहा है। गुजरात चीते जा तो रहे हैं, लेकिन हम गुजरात से कुछ लेना भी सीखें।
ये है प्लानिंग
पहले कूनो और गांधीसागर के बाद चीतों को मध्य प्रदेश के ही नौरादेही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बसाने की तैयारी थी। अब नौरादेही से पहले चीतों को गुजरात के कच्छ भेजा जा रहा है। अगस्त-सितंबर तक शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में अभी 53 चीते हैं। इनमें से 50 कूनो तो 3 गांधीसागर में हैं। अब नौरादेही में चीते बसाए जाएंगे।

