कुंदन कुमार, पटना। चर्चित बंटी यादव हत्याकांड मामले में पटना सेंट्रल एसपी ने बड़ा एक्शन लिया है। एसपी ममता कल्याणी ने मामले में कोतवाली थाने के चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इनमें तीन सहायक एंव निरीक्षण और एक गृहर रक्षक पुलिसकर्मी शामिल हैं। इन सभी पर बंटी यादव हत्याकांड मामले में लापरवाही बरतने का आरोप है।

गौरतलब है कि बीते 7 जुलाई की देर रात पटना जंक्शन स्थित हनुमान मंदिर के पास से बंटी यादव का अपहरण कर लिया गया था, जिसका शव 5 दिन बाद 12 जुलाई को अथमल गोला में सड़क किनारे गड्ढे में मिला था।

ड्यूटी के दौरान बरती गंभीर लापरवाही

बता दें कि जिन पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है, उनमें ASI प्रवीण कुमार पंकज, अवधेश कुमार, वीर बहादुर सिंह और गृह रक्षक सुदर्शन प्रसाद शामिल हैं। निलंबन के दौरान इनका मुख्यालय नवीन आरक्षी पुलिस केंद्र, पटना रहेगा। निलंबित सभी पदाधिकारियों और कर्मी से 3 दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।

दरअसल 6-7 जुलाई की देर रात जब बंटी यादव का अपहरण हुआ, उस समय निलंबित किए गए सभी पुलिसकर्मी घटनास्थल (पटना जंक्शन, हनुमान मंदिर) के 100 मीटर के दायरे में ही मौजूद थे। गश्ती और डायल -112 में इन सभी की ड्यूटी लगी हुई थी। बावजूद इसके उन्हें इस घटना की जानकारी तक नहीं मिल सकी, जिसे ड्यूटी के दौरान गंभीर लापरवाही मानते हुए पुलिस विभाग ने यह बड़ा एक्शन लिया है।

पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

बंटी यादव की मौत कैसे हुई? यह तो जांच का विषय है। लेकिन इस मामले में पुलिस की भी लापरवाही सामने आ रही है। बता दें कि बंटी कुमार के अपहरण होने के बाद से लगातार परिजन और स्थानीय लोग सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि समय रहते पुलिस ने उचित एक्शन क्यों नहीं लिया?

सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई थी पूरी घटना

बता दें कि बंटी यादव के अपहरण होने का खुलासा तब हुआ जब पटना जंक्शन स्थित दूध मार्केट के पास एक दुकान का सीसीटीवी फुटेज सामने आया। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बीते सोम-मंगलवार की देर रात करीब 1 बजे 7 से 8 लोग बंटी के साथ मारपीट कर रहे हैं और उसे जबरन अपने साथ ले जा रहे हैं।

अवैध सेक्स रैकेट का विरोध कर रहा था युवक

​परिजनों के अनुसार, बंटी यादव सोमवार रात करीब 11:30 बजे अपने रिश्तेदारों को छोड़ने के लिए पटना जंक्शन गया था। काफी देर तक न लौटने पर जब परिजनों ने फोन किया, तो उसने ट्रेन लेट होने की बात कहकर कॉल काट दिया। इसके बाद अहले सुबह से उसका फोन नहीं लगा, जिसके बाद परिजनों ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। ​परिजनों का आरोप है कि बंटी स्टेशन के आसपास चल रहे कथित अवैध सेक्स रैकेट और गलत गतिविधियों का लंबे समय से विरोध कर रहा था।

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