Dharm Desk- पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने मां गंगा को अपनी जटाओं में धारण किया था. इसलिए गंगाजल को शिव कृपा का प्रतीक भी माना जाता है. गंगा दशहरा पर ओम नमः शिवाय मंत्र के साथ गंगाजल घर में रखना बेहद शुभ माना गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार गंगा दशहरा के लिए दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं. इसलिए इस दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ, दान और गंगाजल का विशेष महत्व माना जाता है. मान्यता है कि श्रद्धा से घर लाया गया गंगाजल सिर्फ जल नहीं, बल्कि मां गंगा का आशीर्वाद होता है.

कहा जाता है कि जहां गंगाजल रखा जाता है, वहां सकारात्मक ऊर्जा, शांति बनी रहती है. कई लोग इस दिन घर के मंदिर, मुख्य द्वार और उत्तर-पूर्व दिशा में गंगाजल का छिड़काव भी करते हैं. गंगा दशहरा पर दशमी तिथि 24 मई की शाम से शुरू होकर 25 मई दोपहर तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार 25 मई को स्नान और पूजा करना शुभ रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:40 से 5:23 बजे तक और अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:17 से 1:10 बजे तक रहेगा.

गंगा दशहरा पर ये 10 शुभ दान करें

  1. जल दान: जरूरतमंदों को ठंडा जल, शर्बत या पानी से भरा घड़ा दान करना अत्यंत पुण्यकारी बताया गया है.
  2. अन्न दान: गांगा दशहरा के दिन कम से कम दस मुट्ठी अनाज गरीबों को दान करने से कुडली दोष दूर होते हैं.
  3. सत्तू दान: गर्मी से राहत देने वाला सत्तू दान करना स्वास्थ्य और पुण्य दोनों के लिए शुभ व लाभकारी माना गया है.
  4. फल दान: तरबूज, खरबूजा, आम, केला और बेल जैसे गर्मी के रसीले फलों का दान शुभ फल देता है.
  5. वस्त्र दान: जरूरतमंदों को नए और सफेद वस्त्र दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है.
  6. छाता दान: तेज धूप से बचाने के लिए छाता, टोपी या गमछा जरूरतमंदों, को दान करना लाभकारी रहेगा.
  7. जूते-चप्पल दान: इसी तरह जरूरतमंदों को तपती जमीन से राहत दिलाने के लिए चप्पल या जूते दान करें.
  8. पंखा दान: गर्मी से राहत देने के लिए हाथ या बिजली वाला पंखा किसी भी समाजिक संस्था को दान कर कसते हैं.
  9. सुहाग सामग्री दान: सुहागिन महिलाओं को श्रृंगार सामग्री के साथ कुछ दक्षिणा देने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है.
  10. दीपदान: गंगा जी में घी का दीप प्रवाहित करने (दीपदान) से जीवन का दुख, अंधकार और दुर्भाग्य दूर होता है.