सोनीपत के गन्नौर में 537 एकड़ में एशिया की सबसे बड़ी बागवानी मंडी का निर्माण हो रहा है। यह प्रोजेक्ट किसानों की आय बढ़ाने में गेम चेंजर साबित होगा।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में एक ऐसा मेगा प्रोजेक्ट तेजी से आकार ले रहा है, जिसे एशिया की सबसे विशाल बागवानी मंडी बताया जा रहा है। करोड़ों किसानों, व्यापारियों और आम लोगों के लिए इसे गेम चेंजर माना जा रहा है। आखिर यह मंडी कहां बन रही है, इसमें क्या खास होगा और इससे प्रदेश को कितना फायदा मिलेगा- इसे लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।

दरअसल, सोनीपत के गन्नौर में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के पास ₹2600 करोड़ की लागत से 537 एकड़ में एशिया की सबसे विशाल बागवानी मंडी विकसित की जा रही है। खास बात यह है कि इसे फ्रांस की मशहूर ‘रूसिंग होलसेल मार्केट’ (Rungis Wholesale Market) के मॉडल पर तैयार किया जा रहा है। मंडी में फल, फूल, सब्जियों और अन्य बागवानी उत्पादों के लिए 17 आधुनिक शेड बनाए जाएंगे। इसके साथ ही किसान ट्रेन की सुविधा के लिए रेलवे कनेक्टिविटी, अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज और ऑनलाइन नीलामी जैसी हाईटेक व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।

इसी परियोजना का “विकास पथ यात्रा” के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री श्री अरुण सिंह जी ने अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह परियोजना कृषि उपज के भंडारण, विपणन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाकर किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

परियोजना का निर्माण कार्य फिलहाल प्रगति पर है और हरियाणा सरकार इसे तय समय में पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली जी, जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज जी और मेयर राजीव जैन जी भी मौजूद रहे। सरकार इसे सशक्त किसान, समृद्ध कृषि और विकसित भारत के संकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मान रही है।