पुरुषोत्तम पात्र, गरियाबंद। अमलीपदर इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। पिछले 10 दिनों में दो ग्रामीणों की मौत के मामले चर्चा में हैं। दोनों मामलों में निजी स्तर पर इलाज किए जाने की बातें सामने आई हैं। वहीं सरनाबहाल में मेडिकल स्टोर के भीतर अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा दवा देने और इंजेक्शन लगाने का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि, 15 सितंबर को सरनाबहाल के कुरलापारा निवासी 55 वर्षीय अभिलाष नेताम की मौत के मामले में परिजनों की ओर से अब तक किसी तरह की दवा संबंधी आपत्ति या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच की बात कही है।

सांस तेज चल रही थी, उरमाल पीएचसी से किया गया रेफर
जानकारी के मुताबिक अभिलाष नेताम की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें एक दिन पहले उपचार के लिए उरमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। यहां पदस्थ चिकित्सक सनत कुम्भकार ने मरीज की प्राथमिक जांच की और हालत को देखते हुए उसे रेफर कर दिया।

चिकित्सक के मुताबिक मरीज जब स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा था, तब उसकी सांस तेज चल रही थी। मलेरिया और शुगर की जांच कराई गई थी, लेकिन दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आई। डॉक्टर ने बताया कि पूछताछ के दौरान परिजनों ने एक निजी चिकित्सक से मलेरिया का इलाज और इंजेक्शन लगवाए जाने की जानकारी दी थी।

रेफरल लेटर में भी मलेरिया का उल्लेख होने की बात सामने आई है। इसके बाद परिजन मरीज को ओडिशा के धर्मगढ़ स्थित एक निजी क्लिनिक लेकर गए। वहां उपचार नहीं मिलने पर उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां पूरी रात इलाज किया गया। परिजनों के मुताबिक उपचार के बाद मरीज की स्थिति सामान्य हुई और वे उसे घर लेकर लौट आए। अगले दिन 15 सितंबर को अभिलाष नेताम की मौत हो गई।
5 सितंबर को भी हुई थी एक ग्रामीण की मौत
अमलीपदर क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर इससे पहले भी मामला सामने आया था। 5 सितंबर को सराईपानी निवासी 54 वर्षीय डिगने यादव की मौत हो गई थी। इसके बाद मृतक के परिजनों का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें निजी प्रैक्टिशनर से इलाज के बाद मौत होने का दावा किया गया था।
मामले की जानकारी मिलने पर जिला स्तर से जांच टीम पहुंची। हालांकि, जांच के दौरान आरोप लगाने वाले परिजन ही अपने पूर्व के आरोप से पीछे हट गए। इसके बाद मामला शांत हो गया।
मेडिकल स्टोर में अनाधिकृत व्यक्ति के इलाज का वीडियो

इसी बीच सरनाबहाल में संचालित एक मेडिकल स्टोर का वीडियो भी सामने आया। वीडियो में एक अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा दवा देने और इंजेक्शन लगाने की बात सामने आई। मामले में औषधि विभाग ने कार्रवाई करते हुए मेडिकल स्टोर को सील कर दिया।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद इलाके में स्वास्थ्य व्यवस्था और निजी स्तर पर संचालित हो रही कथित अनधिकृत स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
70 से ज्यादा गांवों की डेढ़ लाख आबादी, डॉक्टर और स्टाफ की कमी
अमलीपदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 70 से ज्यादा गांव और करीब डेढ़ लाख की आबादी आती है। क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और स्टाफ की कमी लंबे समय से समस्या बनी हुई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी के साथ ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में भी कर्मचारियों के कई पद खाली बताए जा रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी के कारण ग्रामीणों को निजी और अनधिकृत इलाज का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे मामलों में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
सीएमएचओ बोले- सभी मामलों की कराई जा रही जांच
गरियाबंद के सीएमएचओ वी.के. नवरत्न ने सरनाबहाल में ग्रामीण की मौत की जानकारी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए टीम बनाई जा रही है और सभी मामलों की जांच कराई जा रही है।
सीएमएचओ के मुताबिक अमलीपदर में दो डॉक्टरों की पोस्टिंग की गई है, जबकि अन्य रिक्त पदों को भी भरने की प्रक्रिया चल रही है। विभाग की ओर से जांच के बाद ही मौत के कारण और इलाज से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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