मोक्षनगरी गयाजी में दुनिया भर से आने वाले तीर्थयात्रियों के स्वागत और उनकी सुविधा के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। आगामी 25 सितंबर से शुरू होने वाले ऐतिहासिक पितृपक्ष मेला को लेकर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु अपने पूर्वजों की मोक्ष प्राप्ति के लिए यहां पिंडदान और तर्पण करेंगे, जिन्हें ठहरने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का जायजा
तीर्थयात्रियों के आवास के लिए गत वर्ष की तरह इस बार भी नगर निगम क्षेत्र के 58 विद्यालयों को विशेष आवासन केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इन सभी विद्यालयों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान कमरों की भौतिक स्थिति, पेयजल की उपलब्धता, निर्बाध बिजली आपूर्ति, साफ-सुथरे शौचालय और परिसरों की स्वच्छता की बारीकी से जांच की जा रही है। जिन विद्यालयों में रंगाई-पोताई या अन्य मरम्मत की आवश्यकता पाई गई है, उन्हें मेला शुरू होने से पहले ही हर हाल में पूरा करने का सख्त निर्देश दिया गया है। उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में स्थित इन केंद्रों पर शुद्ध पेयजल और शौचालय की व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
शिक्षकों की तैनाती और प्रशासनिक समन्वय
आवासन केंद्रों पर ठहरने वाले तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए शिक्षकों की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा सभी 58 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर शिक्षकों की विस्तृत सूची मांगी गई है। इस सूची में शिक्षकों का नाम, पदनाम, सेवानिवृत्ति की तिथि और मोबाइल नंबर जैसी जानकारियां दर्ज की जा रही हैं। प्राप्त होने वाली सूची के आधार पर एक व्यवस्थित समय-सारणी तैयार होगी, जिसके तहत शिक्षक इन केंद्रों पर मौजूद रहकर यात्रियों की हरसंभव मदद करेंगे। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को आवास आवंटन, स्थानीय जानकारियों और अन्य जरूरतों को पूरा करने में आसानी होगी।
समयबद्ध तरीके से पूरी होगी व्यवस्था
मेला शुरू होने में अब महज एक पखवाड़े का समय शेष है। इसे ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि तय समय-सीमा से पहले सभी आवासन केंद्र पूरी तरह से तैयार हो जाएं। प्रशासनिक प्रयासों का मुख्य उद्देश्य यही है कि गयाजी आने वाले हर एक तीर्थयात्री को सुखद और सुगम अनुभव प्राप्त हो सके।



