महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े राजनीतिक फेरबदल की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है. ‘ऑपरेशन टाइगर’ के बाद अब ‘ऑपरेशन तुतारी’ की चर्चा राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही है. महाराष्ट्र में NCP के शरद और अजित पवार गुटों के संभावित विलय की चर्चाएं तेज हो गयी हैं. भविष्य के चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के बीच फिर से एकजुट होने की कोशिशें तेज हो गई हैं.
कयास यह लगाया जा रहा है कि प्रतिद्वंद्वी एनसीपी गुटों के सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने से पहले विलय होने की संभावना है.
महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार और अजित पवार गुटों के विलय या भारतीय जनता पार्टी (NDA) के साथ जाने की चर्चाएं भूर जोर से जोर पकड़ी हुई है. फिलहाल इन दावों की किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में दोनों गुटों के बीच संवाद बढ़ा है.
कहा जा रहा है कि इस पहल का नेतृत्व एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल कर रहे हैं. अजित पवार गुट के सांसद सुनील तटकरे ने इस सिलसिले में शरद पवार से मुलाकात वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल के मुंबई स्थित आवास पर हुई. इस अहम बैठक में सुप्रिया सुले और जयंत पाटील भी मौजूद बताए गए है.
चर्चा है कि अजित पवार गुट के कुछ वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और विधायकों में सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार की कार्यशैली को लेकर असंतोष जागा है. इसका मुख्य कारण पार्टी के राजनीतिक फैसलों में परिवार के सदस्यों के बढ़ते हस्तक्षेप को माना गया है.
इसी कारण दोनों गुटों में संभावित विलय की चर्चा गरम है. पर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी तक इस संबंध में किसी भी नेता ने सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है.
अब तक न तो शरद पवार गुट और न ही अजित पवार गुट की ओर से संभावित विलय, बैठकों के एजेंडे या सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है. ऐसे में NDA में विलय की बात करना ही बेईमानी होगी.
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